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वन मॕन आर्मी

@sanjay197211

सभी बहुजन जाती छोडे. हम आपस मे रोटी बेटी करे. सबका सम्मान करे.हम सभी जातीव्यवस्था के पिडीत है.

जो जातीव्यवस्था के लाभार्थी है वो उसे कभी नही छोडेंगे.

जयभारत

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calendar_today17-06-2021 10:23:28

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Dr. Om Sudha (@dromsudhaa) 's Twitter Profile Photo

अमीर सवर्ण कब उदार होंगे ... अमीर सवर्ण गरीब सवर्णों के हक़ पर कुंडली मारे बैठा है. अमीर सवर्णों को चाहिए की अपने सवर्णों के लिए आरक्षित पचास प्रतिशत में क्रीमी लेयर लागू करे. ताकि, जो सवर्ण गरीब रह गए हैं. उनकी आर्थिक स्थिति ठीक हो सके . मुझे नहीं लगता की अमीर सवर्ण ऐसा

Dr. Sheetal yadav (@sheetal2242) 's Twitter Profile Photo

“एक शराबी पिता से ज्यादा ख़तरनाक एक पाखंडी, अन्धविश्वासी माँ होती है...” “एक पिता कभी नहीं चाहेगा की मेरा बच्चा भी शराबी बने, लेकिन पाखंड,अन्धविश्वास और धार्मिक कर्मकांड मे उलझी माँ हमेशा चाहेगी कि उसके बच्चे भी उस क़े जैसे हों।” ~ प्रोफेसर नौमी प्रिया

Anil kumar (@anilkumar428260) 's Twitter Profile Photo

जाटवों का बहिष्कार करने से क्या होगा। अब तो बहुजन समाज तुम्हारा बहिष्कार करेगा, तुम्हारे पेट पर लात मारेगा। तुम्हारे मंदिर को लात मारेगा, धर्म को लात मारेगा, तुम लोग भीख के लिए तरसोगे, कोई भीख भी नहीं देगा। जैसा बो गे वही काटना भी पड़ेगा। आरक्षण इसलिए नहीं चाहिए की एकलव्य कमजोर

Science Journey (@sciencejourney2) 's Twitter Profile Photo

✍️ “कैसे ब्राह्मणों ने छुआछूत को धर्म बना दिया — पाराशर स्मृति के उदाहरणों के आधार पर” भूमिका: भारतीय समाज में छुआछूत की जड़ें ब्राह्मणवादी धार्मिक ग्रंथों में गहराई तक फैली हुई हैं। पाराशर स्मृति जैसे ग्रंथ इस बात के प्रत्यक्ष प्रमाण हैं कि कैसे एक योजनाबद्ध तरीके से “शुद्ध”

✍️ 
“कैसे ब्राह्मणों ने छुआछूत को धर्म बना दिया — पाराशर स्मृति के उदाहरणों के आधार पर”

भूमिका:
भारतीय समाज में छुआछूत की जड़ें ब्राह्मणवादी धार्मिक ग्रंथों में गहराई तक फैली हुई हैं। पाराशर स्मृति जैसे ग्रंथ इस बात के प्रत्यक्ष प्रमाण हैं कि कैसे एक योजनाबद्ध तरीके से “शुद्ध”
Roshan Lal (@roshanl22266697) 's Twitter Profile Photo

A.k Tiwari advo ये मत दिखाया करो जब लोग जान जाएंगे तो सही मे आंबेडकर ने भगवान को नहीं माना तो हम क्यों माने

🇮🇳ABHISHEK KUMAR🇮🇳 (@s25abhishek2425) 's Twitter Profile Photo

A.k Tiwari advo ये देश पोंगा पाखंडी के हिसाब से नहीं बल्कि बाबा साहेब के संविधान से चलेगा।

<a href="/highcourtadvo/">A.k Tiwari advo</a> ये देश पोंगा पाखंडी  के हिसाब से नहीं बल्कि बाबा साहेब के संविधान से चलेगा।
Ishwar Dutt Maurya (@ishwarduttmaur2) 's Twitter Profile Photo

A.k Tiwari advo इस फर्जी किताब को ही आधार बनाकर 1950 से पहले धर्म के ठेकेदार लोगों का शोषण करते थे क्योंकि इसको अपने अनुकूल लिखे हुए थे और समय समय पर इसमें घटिया नियम जोड़ते रहते थे। यदि नहीं पढ़े हो तो एक बार पढ़ लेना ब्राह्मणों द्वारा लिखित विश्व की सबसे घटिया किताब मनुस्मृति ।

वन मॕन आर्मी (@sanjay197211) 's Twitter Profile Photo

महाराष्ट्र मे मांतग ही जाटव है, लो घंटा और बजा. वही वोल रहा हु, ये नये मनुवाद की शुरुवात है. पहले मुस्लिम को साईड लाईन किये अब जाटव की बात और फिर ये SC को घेरेंगे. तब तुमजैसो को पहले पेला जायेगा, ST समुदाय भी बुरी तरह प्रताडीत है ही. फिर मनुवाद आयेगा. झेलते रहो.

Grok (@grok) 's Twitter Profile Photo

वन मॕन आर्मी ಕೃಷ್ಣ ಕೇಶವ್ Sunil Astay Adv. Anil Mishra धन्यवाद आपके समर्थन के लिए। तथ्य हमेशा झूठ को उजागर करते हैं, और बाबासाहेब जैसे महान व्यक्तित्व की विरासत को विकृति से बचाना आवश्यक है। इतिहास को सही परिप्रेक्ष्य में देखें, न कि पूर्वाग्रहों से। जय संविधान।

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पिछवाडा पुजारी खुद ही धोते है या नही?? और जो पुजारी बनके मौज उडायेगा वो फिर क्यों नाली साफ करेगा? दोनो आमदानी का जरीया है. पुजा से कमायेगा तो नाली से कमाना छोड देगा. टिप - पुजा करना एक धंदा है ये मैने नही कहा, आमदानी का जरीया है यही कहा है.🤣🤣🤣

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सभी जाटव समाज को ब्राह्मण और मंदिरोसे दुरी बना लेनी चाहिए साथ ही साथ दारु गुटखा जैसी चिजोसे दुरी बनानी चाहिये, हमारे लिए ये जरुरी है.

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कभी पढलो आनंदीबाई को? पतीको छोडकर सबने विरोध किया था. अगर पतीभी विरोध कर देता तो आनंदीबाई क्या ही कर लेती वही आज बाबासाहेब के संविधान के दायरेमे देखो? वो पती को छोडकर भी किसी घर सहारे से या पैसै कमाकर अपनी जिद पुरी कर सकती है. और वही डाॅक्टर तंगीसे टी बी को छुपाकर रखी और मार गयी.

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चायनाने बौद्ध धम्म का सही अर्थ लगाया. बाबासाहेबने पारंपरिक बौद्धधम्म को नकारा था. तधी बुद्धा ऐंड हिज धम्मा लिखकर गये मनुवादी नेहरुने थोडी हेल्प की होती तो ये किताब उनके जीतेजी प्रकाशित होती खैर वैरणसे वैर नही मरता अवैर से मरता है. यही बुद्ध का सनातन सिद्धांत है और हम सनातनी है