विलुप्त आवाज़ (@yourlostvoice) 's Twitter Profile
विलुप्त आवाज़

@yourlostvoice

शायरी और कविता के माध्यम से आपके दिलो पर राज करना , भूली बिसरी यादों को संजोए रखना।

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calendar_today29-10-2018 10:56:42

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Ashok Shrivastav (@ashokshrivasta6) 's Twitter Profile Photo

मुन्नाभाई MBBS में एक डायलॉग है "वो बाहर एक मरीज मरने की हालत में है, पर क्या उसे पहले फॉर्म भरना पड़ेगा" दुर्भाग्य है कि हमने कैसा लाल फीताशाही वाला सिस्टम बनाया है।

राघवेन्द्र चतुर्वेदी 🩷 (@raghvendra_101) 's Twitter Profile Photo

कभी-कभी जीवन हमें वहाँ ले जाकर खड़ा कर देता है जहाँ हमारे सारे तर्क, सारे प्रयास, और सारी समझ जैसे शांत हो जाती है। उस खामोशी में एक अदृश्य आवाज़ जन्म लेती है जो कहती है कि हर चीज़ को समझना ज़रूरी नहीं, कुछ चीज़ों को बस महसूस करना होता है। हम अक्सर बाहर उत्तर खोजते हैं, लोगों

कभी-कभी जीवन हमें वहाँ ले जाकर खड़ा कर देता है जहाँ हमारे सारे तर्क, सारे प्रयास, और सारी समझ जैसे शांत हो जाती है। उस खामोशी में एक अदृश्य आवाज़ जन्म लेती है जो कहती है कि हर चीज़ को समझना ज़रूरी नहीं, कुछ चीज़ों को बस महसूस करना होता है।

हम अक्सर बाहर उत्तर खोजते हैं, लोगों
The story Teller (@storytellerrr_) 's Twitter Profile Photo

कभी-कभी लगता है किसी को खुश करना कितना आसान है फिर मैं सोचता हूँ उस पिता के बारे में जिसने अपनी बेटी की शादी में लोगों को बस दो दिन खुश करने के लिए ज़िंदगी भर की दौलत लगा दी फिर कुछ दिन बाद, बेटी दहेज़ के लिए जला दी गई, वे लोग, जो शादी में बड़े चाव से खाना खा रहे थे अब शायद

Ashwini Yadav (@iamashwiniyadav) 's Twitter Profile Photo

मेंहदी, चूड़ी, बाली-बिंदिया फूल सजा बिस्तर पाया पर लड़के ने इश्क़ किया था उसने फंदा चूम लिया 💔😭 “वो बदल गयी” बस ये तीन शब्द नहीं बल्कि उस लड़के के लिये इस दुनिया का सबसे बड़ा दुःख था। जिसके बदले में उसने ख़ुद को तबाह कर दिया। दोनों एक दूसरे को चाहते थे फिर अचानक से लड़की

मेंहदी, चूड़ी, बाली-बिंदिया फूल सजा बिस्तर पाया
पर लड़के ने इश्क़ किया था उसने फंदा चूम लिया
💔😭

“वो बदल गयी” बस ये तीन शब्द नहीं बल्कि उस लड़के के लिये इस दुनिया का सबसे बड़ा दुःख था। जिसके बदले में उसने ख़ुद को तबाह कर दिया।

दोनों एक दूसरे को चाहते थे फिर अचानक से लड़की
Swara Shah (@radhaswara) 's Twitter Profile Photo

कोई किसी का नहीं ,इसका मतलब वाकई यही है कि रिश्तों को इन्वेस्टमेंट समझना बंद कर दो।जितना दिल से बन पड़े, उतना करो, बिना हिसाब-किताब के…जैसे सूरज रोशनी बिखेरता है, पूछे बिना!! जब हम सोचते हैं मैंने इतना किया, अब उसकी बारी है,तभी से दुख शुरू होता है… क्योंकि उस पल प्रेम व्यापार

कोई किसी का नहीं ,इसका मतलब वाकई यही है कि रिश्तों को इन्वेस्टमेंट समझना बंद कर दो।जितना दिल से बन पड़े, उतना करो, बिना हिसाब-किताब के…जैसे सूरज रोशनी बिखेरता है, पूछे बिना!!

जब हम सोचते हैं मैंने इतना किया, अब उसकी बारी है,तभी से दुख शुरू होता है… क्योंकि उस पल प्रेम व्यापार
खुरपेंच (@khurpenchh) 's Twitter Profile Photo

जहां खुद कांग्रेस की सरकार है वहां धड़ाधड़ जंगल काटे जा रहे, सुप्रीम कोर्ट को रोक लगानी पड़ रही है, और राहुल भैया अंडमान निकोबार में ग्रेटा थनबर्ग के फूफा बनकर घूम रहे हैं।

जहां खुद कांग्रेस की सरकार है वहां धड़ाधड़ जंगल काटे जा रहे, सुप्रीम कोर्ट को रोक लगानी पड़ रही है,

और राहुल भैया अंडमान निकोबार में ग्रेटा थनबर्ग के फूफा बनकर घूम रहे हैं।
अमीर चतुर्वेदी (@copsanuofficial) 's Twitter Profile Photo

कभी-कभी सोचता हूँ खफ़ा हो जाऊंँ अपने इर्द-गिर्द के माहौल से दफ़ा हो जाऊँ कुछ रिश्ते मुझे रोकते हैं कुछ जिम्मेदारियाँ मुझे टोकती हैं डरता हूँ कहीं इल्जाम ना लग जाए गृह त्याग और छल का मुझपर वरना मैं भी एकांत का बुद्ध हो जाऊँ। —— अ'मीर🌷

कभी-कभी सोचता हूँ खफ़ा हो जाऊंँ
अपने इर्द-गिर्द के माहौल से दफ़ा हो जाऊँ

कुछ रिश्ते मुझे रोकते हैं 
कुछ जिम्मेदारियाँ मुझे टोकती हैं

डरता हूँ कहीं इल्जाम ना लग जाए
गृह त्याग और छल का मुझपर
वरना 
मैं भी एकांत का बुद्ध हो जाऊँ।

—— अ'मीर🌷
खुरपेंच (@khurpenchh) 's Twitter Profile Photo

देश के हर छात्र से खुरपेंची सवाल , अगर आपका सोमवार को 9 बजे सुबह कोई कॉम्पटीटिव एग्जाम है और सेंटर गृह जिले से काफी दूर गया है , कोई भी एक ट्रेन है जिसका एग्जाम सेंटर वाले शहर पहुंचने का समय सुबह 7:30 है, तो क्या आप भारतीय रेलवे पर भरोसा करके वो ट्रेन पकड़ेंगे या फिर एक दिन पहले

Swara Shah (@radhaswara) 's Twitter Profile Photo

पसंदीदा पुरुष…. पसंदीदा पुरुष कौन होता है… किसी ने मुझसे पूछा, मैंने मुस्कुराते हुए कहा… पसंदीदा पुरुष वो होता है, जिससे आप दिन में सौ बार लड़ लीजिए, झगड़ लीजिए, गुस्सा हो जाइए, चिल्ला लीजिए, दरवाजा पटक दीजिए, फिर भी रात होते-होते उसी का चेहरा याद आए, उसी से बात करने को दिल

पसंदीदा पुरुष….

पसंदीदा पुरुष कौन होता है…
किसी ने मुझसे पूछा,
मैंने मुस्कुराते हुए कहा…
पसंदीदा पुरुष वो होता है,
जिससे आप दिन में सौ बार लड़ लीजिए,
झगड़ लीजिए, गुस्सा हो जाइए,
चिल्ला लीजिए, दरवाजा पटक दीजिए,
फिर भी रात होते-होते उसी का चेहरा याद आए,
उसी से बात करने को दिल
रोशनदान 📸 (@raushanyaduvans) 's Twitter Profile Photo

किसी के प्रेम में पड़ना , उसका वक्त पाकर मुस्कुराना, उसके साथ ज़िन्दगी बिताने के सपने देखना , और एक रोज़ पलक झपकते उनका टूट जाना ये ठीक वैसा ही है , जैसे कोई कई दिनों का भूखा , चूल्हा जलाने को दिनभर लकड़ियाँ जुटाए.. और शाम बर्फीला तूफान आकर उन्हें भिगो दे... ~द से दुःख ,बड़ी ई से ईश्वर

किसी के प्रेम में पड़ना , उसका वक्त पाकर मुस्कुराना, उसके साथ ज़िन्दगी बिताने के सपने देखना ,

और एक रोज़
पलक झपकते उनका टूट जाना

ये ठीक वैसा ही है ,

जैसे कोई कई दिनों का भूखा , चूल्हा जलाने को दिनभर लकड़ियाँ जुटाए..  और शाम बर्फीला तूफान आकर उन्हें भिगो दे...

~<a href="/456_payal/">द से दुःख ,बड़ी ई से ईश्वर</a>
राघवेन्द्र चतुर्वेदी 🩷 (@raghvendra_101) 's Twitter Profile Photo

कभी-कभी तुम्हें लिखना ऐसा लगता है जैसे किसी नीरव सांझ की देहरी पर बैठकर अपने ही हृदय की धड़कनों को शब्दों में अनुवाद करना, जैसे भीतर कहीं वर्षों से सहेजी गई अनुभूतियाँ अचानक अक्षरों का आकार लेने लगती हैं, और मैं उन्हें थाम लेने की चेष्टा करता हूँ, ताकि कहीं ऐसा न हो कि वे फिर से

कभी-कभी तुम्हें लिखना ऐसा लगता है जैसे किसी नीरव सांझ की देहरी पर बैठकर अपने ही हृदय की धड़कनों को शब्दों में अनुवाद करना, जैसे भीतर कहीं वर्षों से सहेजी गई अनुभूतियाँ अचानक अक्षरों का आकार लेने लगती हैं, और मैं उन्हें थाम लेने की चेष्टा करता हूँ, ताकि कहीं ऐसा न हो कि वे फिर से
निरर्थक (@nirarthak_) 's Twitter Profile Photo

हर इंसान जीवन में कभी न कभी बेचारगी के उस दौर से गुजरता है,जहाँ उसकी व्यक्तिगत चुनौतियाँ और परेशानियाँ उसके विवेक पर इस कदर हावी हो जाती हैं कि वह यह तक महसूस नहीं कर पाता जिस स्वभाव से उसे खुद नफ़रत है,वो फिलहाल उसी स्वभाव की गिरफ्त में है...!

हिंदी सोपान (@hindisopan) 's Twitter Profile Photo

उदास बस आदतन हूँ कुछ भी हुआ नहीं है यक़ीन मानो किसी से कोई गिला नहीं है अधेड़ कर सी रहा हूँ बरसों से अपनी परतें नतीजतन ढूँढने को अब कुछ बचा नहीं है - इरफ़ान सत्तार

राघवेन्द्र चतुर्वेदी 🩷 (@raghvendra_101) 's Twitter Profile Photo

खुद को तलाशते-तलाशते जो बिखर जाना है ना..वही तो असल में जीवन की सबसे सच्ची परिभाषा है। क्योंकि जो कभी खोया ही नहीं, उसने पाया भी क्या होगा? हम अक्सर सोचते हैं कि हमें खुद को पाना है, जैसे कोई ठोस मंज़िल हो, कोई अंतिम सत्य, मगर सच्चाई यही है कि “खुद” कोई स्थिर चीज़ नहीं, वह तो हर

Dr Nishikant Dubey (@nishikant_dubey) 's Twitter Profile Photo

राक्षसी शासन का अंत, नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में विचारधारा की लड़ाई हमारे कार्यकर्ताओं ने अपना बलिदान देकर पूरा किया.