Vikas
@vikasti38973103
Vikas
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02-09-2019 06:05:28
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@MishraBRIJESH13 अगर ये सब आरक्षण का गलत बँटवारा रहेगा तब भारत में UCC कैसे लागू होगा आरक्षण लाभ वहीं ले रहे हैं, जिनको पीढ़ियों से मिल रहा है, दलित वही दलित रह गया, उसकी ग़रीबी पेट भरने तक में सीमित रह गई गाँव ग़रीब को ना शिक्षा मिल पा रही है ना ही आरक्षण PMO India Ministry of Education Bahujan Samaj Party
CM Office, GoUP Yogi Adityanath Amitabh Agnihotri माननीय उच्च न्यायालय ने ATRE को पात्रता परीक्षा मानते हुए भर्ती को मई 2020 से प्रारंभ माना है अतः इस भर्ती में सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों को EWS ना देकर बहुत अन्याय कर रही है।
CM Office, GoUP Brajesh Pathak Amitabh Agnihotri Brajesh Misra भर्ती को मई 2020 से प्रारम्भ माना है मननीय माननीय highcourt ने तो हम लोगों को EWS आरक्षण से क्यों वंचित कर रही है सरकार। यह बहुत बड़ा अन्याय है।
Yogi Adityanath शिक्षक भर्ती में अपने हक की लड़ाई लड़ते चयनित और achyanit सामान्य वर्ग के अभ्यर्थी EWS दे सरकार यह भी माँग। 27 तारीख को allahabad डबल बेंच में है सुनवाई. Ews के पक्ष में affidavit दे सरकार।
Sarvesh Pandey इसी भर्ती 69000 में EWS नहीं दिया है। 27 तारीख को इलाहाबाद डबल बेंच में सुनवाई है। इस सन्दर्भ में सरकार से बात करे।
Yogi Adityanath Yogi Adityanath Office CM Office, GoUP आंदोलन है खुद के शिक्षक बनने का लेकिन बदल मुख्यमंत्री रहे है,ऐसी चुनौती तो शायद अखिलेश यादव ने भी नहीं दी होगी ऐसी धमकी का क्या मतलब है? क्योंकि इसको और विजय यादव दोनों को अखिलेश यादव जी फंडिंग कर रहे हैं जो आरक्षण की आड़ में कुछ भी बोलता
DrRajeshTiwari Rahul Gandhi Akhilesh Yadav हरियाणा चुनाव में काँग्रेस और बीजेपी के वोट शेयर में एक प्रतिशत से कम का अन्तर है, कॉंग्रेस ने यदि आप और समाजवादी पार्टी से गठबंधन कर लिया होता तो आज सरकार कॉंग्रेस की बन रही होती l
DM Shravasti Asim Arun Yogi Adityanath Office CM Office, GoUP SocialWelfarePortal Jantantra TV भारत समाचार | Bharat Samachar BJP Saket Misra साकेत मिश्र Ram Feran Pandey Mata Prasad Pandey Indrani Verma CDO Shravasti शिक्षकों का मानदेय रोकना क्या सुशासन !जवाबदेही तो होगी Yogi Adityanath महराज जी के सामने
DM Shravasti Exploiting a laborer by making them work and then denying their wages by pointing out discrepancies in their work is a grave injustice.