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शिव

@shiv_g__

कभी पत्रकार था।।दिल ढूँढता है, फिर वही,फ़ुर्सत के रात दिन।।जन्म से पहले अप्रकट थे और मृत्यु के बाद अप्रकट हो जाएंगे।।राधे राधे।।

ID: 251921063

calendar_today14-02-2011 03:22:57

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देश में अब नागरिक कम बचे हैं, सब कार्यकर्ता बनते जा रहे हैं। नागरिक अपना हक नहीं मांग रहा, बल्कि एक पार्टी का कार्यकर्ता दूसरी पार्टी के कार्यकर्ता से अपने गलत को सही साबित करवाने में लगा है, और दूसरा उसके सही को गलत ठहराने में। अपना हक़ का हिसाब मांगने वाले अब बहुत कम रह गए हैं।

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महोदय, ये "जिस बिहार" कौन-सा बिहार है? नक्शे वाला या आपकी स्क्रिप्ट वाला? देश/राज्य को बदनाम करने की दौड़ में आप जैसे पत्रकार भी कम नहीं हैं। आधा सच दिखाइए, पूरा नैरेटिव बनाइए। खैर, ज़रा बताइए "जिस बिहार" का मतलब क्या है? अगर आपमें हिम्मत है तो जरूर समझाइए। बिहार इंतज़ार कर रहा

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57 साल की उम्र में भी बिहार सरकार नौकरी दे रही है, लोग मेहनत करके प्रोफेसर बन रहे हैं। और क्या चाहिए आपको? बस इनकी तरह ईमानदारी से मेहनत करते रहिए… एक न एक दिन आप भी कम से कम ‘मज़दूर’ तो बन ही जाएंगे। #बिहार

57 साल की उम्र में भी बिहार सरकार नौकरी दे रही है, लोग मेहनत करके प्रोफेसर बन रहे हैं। और क्या चाहिए आपको?
बस इनकी तरह ईमानदारी से मेहनत करते रहिए… एक न एक दिन आप भी कम से कम ‘मज़दूर’ तो बन ही जाएंगे।
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देश की अगली सबसे बड़ी समस्या यही ‘चपड़ी रीलबाज़’ होंगे। जो आज भी समस्या हैं और कल भी रहेंगे। और समाधान के नाम पर ‘कंटेंट लैब’ खुलते रहेंगे।

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मतलब, राहुल गांधी जी प्रधानमंत्री नहीं बन पाएँगे?🤔

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आज Navin Kumar जी नौकरी और आरक्षण पर प्रवचन दे रहे हैं। - वैसे नवीन जी अभी तक "जिस बिहार" का मतलब नहीं बताएं हैं।

आज <a href="/navinjournalist/">Navin Kumar</a> जी नौकरी और आरक्षण पर प्रवचन दे रहे हैं।

- वैसे नवीन जी अभी तक "जिस बिहार" का मतलब नहीं बताएं हैं।
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समस्या सिर्फ Galgotias University या ऐसी अन्य निजी यूनिवर्सिटियाँ नहीं हैं। असली समस्या सरकार की नीति और नीयत में है। यह किसी से छिपा नहीं कि देश में शिक्षा का खुला व्यावसायीकरण हो चुका है। गुणवत्ता अब प्राथमिकता नहीं है। कल ही JEE का परिणाम आया। कितने निजी संस्थान पारदर्शिता

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यहां सारे तर्क खत्म हो जाते हैं। आप लॉर्ड हैं!

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फिर इंजीनियर कौन बनेगा? क्या देश का भला सिर्फ UPSC से ही हो सकता है? 👇