Roshani Shukla🇮🇳
@roshini_roshani
अनुगच्छतु प्रवाह 😎✌️
सकल पदारथ हैं जग माहीं, करमहीन नर पावत नाहीं।
जा पर कृपा राम की होई, ता पर कृपा करे सब कोई ।🙏
ID: 1472961208160452616
20-12-2021 16:05:04
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फिर नए साल की सरहद पे खड़े हैं हम लोग , राख हो जाएगा ये साल भी हैरत कैसी ! © Aziz Nabeel ❤️ काव्य कुटीर
हर आदमी में होते हैं दस बीस आदमी, जिस को भी देखना हो कई बार देखना । ~निदा फ़ाज़ली काव्य कुटीर