Ravi Prakash
@raviprakash124
Political analyst and Freelancer Journalist. Believe in humanity.
ID: 1569212791629955073
12-09-2022 06:34:56
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Aadesh Rawal पत्रकार महोदय हर जगह 50% सीटें बढ़ाने के बावजूद उत्तर भारत में आबादी के अनुपात में सीटें दक्षिण भारत से कम होगी। जितनी आबादी उतनी हिस्सेदारी के नारे का क्या हुआ। कांग्रेस, DMK , सपा यह सब यह नारा लगाते हैं। आबादी के अनुपात में आरक्षण बढ़ाने की मांग करते हैं तो अब आबादी के (1/2)
Aadesh Rawal (2/2) आधार पर लोकसभा में सीटें बढ़ाने का क्यों विरोध कर रहे हैं। क्या यह उत्तर भारत की जनता के साथ छलावा नहीं है। अगर वो यह कहते हैं की दक्षिण भारत ने प्रभावी जनसंख्या नियंत्रण किया है तो यह बात तो सामान्य वर्ग के लोगों पर भी लागू होती है। फिर दोहरा रवैया क्यों अपना रहे हो। (2/2)
Bhajanlal Sharma , CMO Rajasthan मुख्यमंत्री महोदय भजनलाल जी , किसी प्राइवेट एकेडमी चलाने वाले को यह अधिकार किसने दिया है की वो लड़कियों के साथ ट्रेनिंग के नाम पर दुर्व्यवहार करें। Rajasthan Police HelpDesk कृपया इस आदमी पर कार्रवाई करें। यह व्यक्ति कुचामन में एक एकेडमी चलाता है।
Akhilesh Sharma (/2) अभी तो परिसीमन 2011 की जनगणना के अनुसार होता लेकिन अब 2026 की जनगणना के अनुसार होगा जिसको रोक पाना असम्भव है बस इतना सा हुआ है की दक्षिण भारत पर आसन्न संकट कुछ वर्षों के लिए टल गया है। "जिसकी जितनी आबादी उतनी हिस्सेदारी" का नारा लगाने वाली विपक्षी पार्टियां क्यों आबादी के
Akhilesh Sharma (2/2) आधार पर परिसीमन का विरोध कर रही है। यह इन विपक्षी पार्टियों की दोगलापन दिखाता है। जो सहुलियत के अनुसार अपनी राजनैतिक नारों को बदल लेते हैं। जब आरक्षण में आबादी के अनुपात में आरक्षण की बदलाव करते हैं जो की संविधान में है भी नहीं। जिसकी परिसीमन तो एक संवैधानिक व्यवस्था है।