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#चुल्लू_भर_पानी_में डूब मरो तीर्थों व धामों पर जाना तो उस यादगार स्थान रूपी भट्ठी को देखना मात्र ही है। यह पवित्र गीता जी में वर्णित न होने से शास्त्र विरूद्ध हुई। जिससे कोई लाभ नहीं (प्रमाण पवित्र गीता अध्याय 16 मंत्र 23-24)। First India News Exposed

#चुल्लू_भर_पानी_में   डूब मरो
तीर्थों व धामों पर जाना तो उस यादगार स्थान रूपी भट्ठी को देखना मात्र ही है। यह पवित्र गीता जी में वर्णित न होने से शास्त्र विरूद्ध हुई। जिससे कोई लाभ नहीं (प्रमाण पवित्र गीता अध्याय 16 मंत्र 23-24)।
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#चुल्लू_भर_पानी_में डूब मरो शिव, सदाशिव (काल ब्रह्म) के सबसे छोटे पुत्र हैं शिवपुराण (पृष्ठ 86) में लिखा है, "हमने सुना है कि भगवान सदाशिव (ज्योति निरंजन/काल ब्रह्म) शीघ्र प्रसन्न हो जाते हैं। वह कल्याणकारी हैं। First India News Exposed

#चुल्लू_भर_पानी_में   डूब मरो शिव, सदाशिव (काल ब्रह्म) के सबसे छोटे पुत्र हैं
शिवपुराण (पृष्ठ 86) में लिखा है, "हमने सुना है कि भगवान सदाशिव (ज्योति निरंजन/काल ब्रह्म) शीघ्र प्रसन्न हो जाते हैं। वह कल्याणकारी हैं।

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#चुल्लू_भर_पानी_में डूब मरो श्रीमद् देवीभागवत पुराण तीसरा स्कंद, अध्याय 5 पृष्ठ 123 भगवान विष्णु जी ने दुर्गा की स्तुति की कहा कि मैं (विष्णु), ब्रह्मा तथा शंकर तुम्हारी कृपा से विद्यमान हैं। हमारा तो आविर्भाव (जन्म) तथा तिरोभाव (मृत्यु) होती है। हम नित्य (अविनाशी) नहीं

#चुल्लू_भर_पानी_में   डूब मरो
श्रीमद् देवीभागवत पुराण तीसरा स्कंद, अध्याय 5 पृष्ठ 123 भगवान विष्णु जी ने दुर्गा की स्तुति की कहा कि मैं (विष्णु), ब्रह्मा तथा शंकर तुम्हारी कृपा से विद्यमान हैं। हमारा तो आविर्भाव (जन्म) तथा तिरोभाव (मृत्यु) होती है। हम नित्य (अविनाशी) नहीं
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#चुल्लू_भर_पानी_में डूब मरो फर्स्ट न्यूज़ इंडिया को डिबेट का उत्तर_ शिवलिंग जननेंद्रिय नहीं है देख लो प्रमाण के साथ First India News Exposed

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फर्स्ट न्यूज़ इंडिया को डिबेट का उत्तर_
शिवलिंग जननेंद्रिय नहीं है देख लो प्रमाण के साथ
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#चुल्लू_भर_पानी_में डूब मरो संत रामपाल जी महाराज जी और उनके अनुयायियों ने कई बार भारत सरकार से प्रार्थना की है कि एक बार आध्यात्मिक ज्ञान चर्चा भारत देश के सभी धर्म गुरुओं के बीच करवाई जाए जिससे कि आम जनता को हमारे धर्म शास्त्रों में लिखी सही भक्तिविधि First India News Exposed

#चुल्लू_भर_पानी_में   डूब मरो
संत रामपाल जी महाराज जी और उनके अनुयायियों ने कई बार भारत सरकार से प्रार्थना की है कि एक बार आध्यात्मिक ज्ञान चर्चा भारत देश के सभी धर्म गुरुओं के बीच करवाई जाए जिससे कि आम जनता को हमारे धर्म शास्त्रों में लिखी सही भक्तिविधि 
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#चुल्लू_भर_पानी_में डूब मरो परब्रह्म की रात्रि के समाप्त होने पर दिन के प्रारम्भ में काल व दुर्गा का पुनर्जन्म होता है फिर ये एक ब्रह्मण्ड में पहले की भांति सृष्टि प्रारम्भ करते हैं। इस प्रकार परब्रह्म अर्थात् अक्षर पुरूष का एक दिन एक हजार युग का होता है तथा इतनी ही रात्रि है।

#चुल्लू_भर_पानी_में   डूब मरो
परब्रह्म की रात्रि के समाप्त होने पर दिन के प्रारम्भ में काल व दुर्गा का पुनर्जन्म होता है फिर ये एक ब्रह्मण्ड में पहले की भांति सृष्टि प्रारम्भ करते हैं। इस प्रकार परब्रह्म अर्थात् अक्षर पुरूष का एक दिन एक हजार युग का होता है तथा इतनी ही रात्रि है।
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#चुल्लू_भर_पानी_में डूब मरो सोलंकी जी! आपने जो वाणी संत रामपाल जी महाराज की पुस्तक से पढ़कर बताया है - कबीर अक्षर पुरुष एक पेड़ है, निरंजन वाकी डार। तीनों देवा शाखा है, पात रूप संसार।। यह वाणी कबीर सागर में अंकित हैFirst India News Exposed

#चुल्लू_भर_पानी_में   डूब मरो
सोलंकी जी! आपने जो वाणी संत रामपाल जी महाराज की पुस्तक से पढ़कर बताया है -
कबीर अक्षर पुरुष एक पेड़ है, निरंजन वाकी डार।
तीनों देवा शाखा है, पात रूप संसार।।
यह वाणी कबीर सागर में अंकित हैFirst India News Exposed
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#चुल्लू_भर_पानी_में डूब मरो ब्रह्मा और विष्णु की लड़ाई को रोकने के लिए ब्रह्म यानी सदाशिव ने तेजोमय लिंग की स्थापना की थी जैसा कि विद्वेश्वर संहिता में बताया गया है। इसी विध्वेश्वर संहिता के 25 पेज पर खुद सदाशिव कहते हैं कि शिव लिंग वास्तविकता में लिंग और लिंगीहै

#चुल्लू_भर_पानी_में   डूब मरो
 ब्रह्मा और विष्णु की लड़ाई को रोकने के लिए ब्रह्म यानी सदाशिव ने तेजोमय लिंग की स्थापना की थी जैसा कि विद्वेश्वर संहिता में बताया गया है। इसी विध्वेश्वर संहिता के 25 पेज पर खुद सदाशिव कहते हैं कि शिव लिंग वास्तविकता में लिंग और लिंगीहै
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#चुल्लू_भर_पानी_में डूब मरो सोलंकी जी! आपने जो वाणी संत रामपाल जी महाराज की पुस्तक से पढ़कर बताया है - कबीर अक्षर पुरुष एक पेड़ है, निरंजन वाकी डार। तीनों देवा शाखा है, पात रूप संसार।। यह वाणी कबीर सागर में अंकित है। First India News Exposed

#चुल्लू_भर_पानी_में   डूब मरो
सोलंकी जी! आपने जो वाणी संत रामपाल जी महाराज की पुस्तक से पढ़कर बताया है -
कबीर अक्षर पुरुष एक पेड़ है, निरंजन वाकी डार।
तीनों देवा शाखा है, पात रूप संसार।।
यह वाणी कबीर सागर में अंकित है।

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#PropheciesAboutSantRampalJi रामदेव पीर के अनुसार वह संत शुरू में शरीर के कमलों में स्थित पांच प्रधानों की भक्ति करवाएगा। उसके बाद आगे की भक्ति विधि बताएगा। उनकी यह भविष्यवाणी संत रामपाल जी महाराज पर खरी उतरती है। ਧਰਤੀ ਤੇ ਅਵਤਾਰ

#PropheciesAboutSantRampalJi
रामदेव पीर के अनुसार वह संत शुरू में शरीर के कमलों में स्थित पांच प्रधानों की भक्ति करवाएगा। उसके बाद आगे की भक्ति विधि बताएगा। उनकी यह भविष्यवाणी संत रामपाल जी महाराज पर खरी उतरती है।
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#PropheciesAboutSantRampalJi पोलिश दूरदर्शी "श्री जेरार्ड क्रॉस" के अनुसार 20वीं और 21वीं सदी के बीच भयानक युद्धों के कारण कुछ देश ख़त्म हो जायेंगे, लेकिन भारत का एक महान व्यक्ति पूरे विश्व को सत्य और मुक्ति के मार्ग पर ले जायेगा ਧਰਤੀ ਤੇ ਅਵਤਾਰ

#PropheciesAboutSantRampalJi
पोलिश दूरदर्शी "श्री जेरार्ड क्रॉस" के अनुसार 20वीं और 21वीं सदी के बीच भयानक युद्धों के कारण कुछ देश ख़त्म हो जायेंगे, लेकिन भारत का एक महान व्यक्ति पूरे विश्व को सत्य और मुक्ति के मार्ग पर ले जायेगा
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नास्त्रेदमस ने अपनी भविष्यवाणी में कहा था कि स्वतंत्रता के चार वर्ष बाद 1951 में भारत में एक महान संत का जन्म होगा जो विश्व को नए ज्ञान से परिचित कराएगा वर्ष 1951, 8 सितम्बर संत रामपाल जी महाराज का जन्म दिवस है #PropheciesAboutSantRampalJi ਧਰਤੀ ਤੇ ਅਵਤਾਰ

नास्त्रेदमस ने अपनी भविष्यवाणी में कहा था कि स्वतंत्रता के चार वर्ष बाद 1951 में भारत में एक महान संत का जन्म होगा जो विश्व को नए ज्ञान से परिचित कराएगा
वर्ष 1951, 8 सितम्बर संत रामपाल जी महाराज का जन्म दिवस है
#PropheciesAboutSantRampalJi

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जय गुरुदेव पंथ के संस्थापक तुलसीदास जी द्वारा 7 सितंबर 1971 को लिखी उपरोक्त भविष्यवाणी सिर्फ संत रामपाल जी महाराज पर ही सही बैठती है क्योंकि 8 सितंबर 1951 को अवतरित हुए संत रामपाल जी महाराज 7 सितंबर 1971 को पूरे 20 वर्ष के हो गए थे #PropheciesAboutSantRampalJi ਧਰਤੀ ਤੇ ਅਵਤਾਰ

जय गुरुदेव पंथ के संस्थापक तुलसीदास जी द्वारा 7 सितंबर 1971 को लिखी उपरोक्त भविष्यवाणी सिर्फ संत रामपाल जी महाराज पर ही सही बैठती है क्योंकि 8 सितंबर 1951 को अवतरित हुए संत रामपाल जी महाराज 7 सितंबर 1971 को पूरे 20 वर्ष के हो गए थे #PropheciesAboutSantRampalJi

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भारत में उत्पन्न वह पूर्ण संत गौर वर्ण के हैं, उनके न दाढ़ी है, ना मूछें हैं और उनके सर पर सफेद बाल हैं। - फ्लोरेंस अमेरिका की इस प्रसिद्ध भविष्यवक्ता की उपरोक्त भविष्यवाणी संत रामपाल जी महाराज पर बिल्कुल खरी उतरती है#PropheciesAboutSantRampalJi ਧਰਤੀ ਤੇ ਅਵਤਾਰ

भारत में उत्पन्न वह पूर्ण संत गौर वर्ण के हैं, उनके न दाढ़ी है, ना मूछें हैं और उनके सर पर सफेद बाल हैं।  - फ्लोरेंस
अमेरिका की इस प्रसिद्ध भविष्यवक्ता की उपरोक्त भविष्यवाणी संत रामपाल जी महाराज पर बिल्कुल खरी उतरती है#PropheciesAboutSantRampalJi

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#GodMorningMonday The sacred book Dharti Upar Swarg makes it clear that acts of charity and devotion are in vain without the guidance of a true guru. Sant Rampal Ji Maharaj

#GodMorningMonday
The sacred book Dharti Upar Swarg makes it clear that acts of charity and devotion are in vain without the guidance of a true guru.
Sant Rampal Ji Maharaj