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Preetam Bhosle

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इन्द्रम् वर्धन्तो अप्तुर: अपघ्नन्तुऽरावण:। कृण्वन्तो विश्वमार्यम्।।

ID: 157310656

calendar_today19-06-2010 13:14:34

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यवनाक्रांत राज्य आक्रमावें, अवनी मंडल निर्यावनी करावें ( Conquer the country occupied by Muslims, destroy the Muslim confederacy, beat down the Muslim predominance, wipe off Muslims from the face of the earth ) - छत्रपती शिवाजी महाराजांचा चित्ताभिप्राय ('आज्ञापत्र')

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ये प्राण मेरे जाएँगे निज देश सेवा के लिए मै त्यागता हूँ देह, भावी विजय की आशा के लिए - पंडित राम प्रसाद बिस्मिल महान राष्ट्र भक्त, स्वातंत्र समर के वीर योद्धा व अमर क्रांतिकारी पंडित राम प्रसाद बिस्मिल जी की आज जयंती है #नमन_रामप्रसादबिस्मिल

ये प्राण मेरे जाएँगे निज देश सेवा के लिए 
मै त्यागता हूँ देह, भावी विजय की आशा के लिए  
- पंडित राम प्रसाद बिस्मिल

महान राष्ट्र भक्त, स्वातंत्र समर के वीर योद्धा व अमर क्रांतिकारी  
पंडित राम प्रसाद बिस्मिल जी की आज जयंती है 

#नमन_रामप्रसादबिस्मिल
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आर्य विद्या की उन्नति के लिए ऋषि दयानन्द जी के पूर्ण पुरुषार्थ के फलस्वरूप प्रथम पीढ़ी के सहस्रों लोगों ने कार्य आगे बढ़ाया तदुपरान्त सम्पत्ति पिपासु बढ़ने लगे और समाज सो गया।अब आर्य निर्मात्री सभा के अनथक पुरुषार्थ से तीन लाख से अधिक युवा-युवतियों को आर्य विद्या प्राप्त हुई है।

आर्य विद्या की उन्नति के लिए ऋषि दयानन्द जी के पूर्ण पुरुषार्थ के फलस्वरूप प्रथम पीढ़ी के सहस्रों लोगों ने कार्य आगे बढ़ाया तदुपरान्त सम्पत्ति पिपासु बढ़ने लगे और समाज सो गया।अब आर्य निर्मात्री सभा के अनथक पुरुषार्थ से तीन लाख से अधिक युवा-युवतियों को आर्य विद्या प्राप्त हुई है।
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आर्यविद्येच्या प्रगतीसाठी ऋषी दयानंदजींच्या पूर्णपरिश्रमाचे फळ म्हणून पहिल्या पिढीतील हजारो लोकांनी कार्य पुढे नेले, त्यानंतर संपत्तिपिपासु वाढु लागले आणि समाज निद्रावस्थेमध्ये गेला आता आर्य निर्मात्री सभेच्या अथक परिश्रमातून तीन लाखांहून अधिक तरुणांना आर्यविद्या प्राप्त झाली आहे

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देश की सरकारें,राजनैतिक पार्टियां,तथाकथित संगठन,गुरुडमी डेरे आर्य को 'नास्तिक' कह दुष्प्रचारित,अपमानित एवं तिरस्कृत करने-करवाने में सफल हो रहे थे कि-आर्य निर्मात्री सभा ने हजारों नास्तिक जनों को ईश्वर का सत्य स्वरूप बतलाया लोग आस्तिक अर्थात् आर्य बनने प्रारम्भ होने लगे। #जय_आर्य

देश की सरकारें,राजनैतिक पार्टियां,तथाकथित संगठन,गुरुडमी डेरे आर्य को 'नास्तिक' कह दुष्प्रचारित,अपमानित एवं तिरस्कृत करने-करवाने में सफल हो रहे थे कि-आर्य निर्मात्री सभा ने हजारों नास्तिक जनों को ईश्वर का सत्य स्वरूप बतलाया लोग आस्तिक अर्थात् आर्य बनने प्रारम्भ होने लगे। #जय_आर्य
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सनातनधर्मी बन्धुओं एवं भगिनियों को अपना यह सनातन "नववर्ष मंगलमय हो"!इस "एक अरब,छियानब्बे करोड़,आठ लाख,त्रेपन हजार एक सौ तेइसवें वर्ष"में हम सभी अपने धर्म,अपनी संस्कृति,मानवीय श्रेष्ठ जीवनमूल्यों को और भी गम्भीरता से ग्रहण कर सुखमय जीवन की ओर बढ़ें।आर्य महासंघ यही कामना करता है।

सनातनधर्मी बन्धुओं एवं भगिनियों को अपना यह सनातन "नववर्ष मंगलमय हो"!इस "एक अरब,छियानब्बे करोड़,आठ लाख,त्रेपन हजार एक सौ तेइसवें वर्ष"में हम सभी अपने धर्म,अपनी संस्कृति,मानवीय श्रेष्ठ जीवनमूल्यों को और भी गम्भीरता से ग्रहण कर सुखमय जीवन की ओर बढ़ें।आर्य महासंघ यही कामना करता है।
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हमारे इतिहास लेखक काल गणना के लिए ईसा पूर्व या ईस्वी सन् का प्रयोग करते हैं,यह दुर्भाग्यपूर्ण है।जबकि सौभाग्य से सृष्टि संवत्सर,युगाब्द एवं विक्रम संवत् ईस्वी सन् से पहले ही विद्यमान है।"आर्य महासंघ" जन-जन में भारतीय संवत्सरों को प्रचारित -प्रसारित करने के लिए कृत संकल्पित है ।

हमारे इतिहास लेखक काल गणना के लिए ईसा पूर्व या ईस्वी सन् का प्रयोग करते हैं,यह दुर्भाग्यपूर्ण है।जबकि सौभाग्य से  सृष्टि संवत्सर,युगाब्द एवं विक्रम संवत् ईस्वी सन् से पहले ही विद्यमान है।"आर्य महासंघ" जन-जन में भारतीय संवत्सरों को प्रचारित -प्रसारित करने के लिए कृत संकल्पित है ।
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वर्ष प्रतिपदा,वि.सं.-१९३२(1875 ई.)में ऋषि दयानन्द जी ने आर्य समाज की स्थापना कर आर्यावर्त्त की नींव रखी।१४७ वर्ष के उपरान्त वर्ष प्रतिपदा वि.सं.२०७९(२ अप्रैल २०२२ ई.)को"आर्य संरक्षिणी सभा"द्वारा"आर्य महासंघ"के सान्निध्य में १०१(एक सौ एक) आर्य समाजों की स्थापना हरियाणा में की गई।

वर्ष प्रतिपदा,वि.सं.-१९३२(1875 ई.)में ऋषि दयानन्द जी ने आर्य समाज की स्थापना कर आर्यावर्त्त की नींव रखी।१४७ वर्ष के उपरान्त वर्ष प्रतिपदा वि.सं.२०७९(२ अप्रैल २०२२ ई.)को"आर्य संरक्षिणी सभा"द्वारा"आर्य महासंघ"के सान्निध्य में १०१(एक सौ एक) आर्य समाजों की स्थापना हरियाणा में की गई।
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वर्त्तमान में जहां सामाजिक संगठन 'युवाओं'के अभाव में उत्साह एवं ऊर्जा विहीन होते जा रहे हैं,वहीं तर्क सहित सत्य विद्या का आधान युवा हृदयों में करके "राष्ट्रीय आर्य निर्मात्री सभा" ने एक अद्वितीय पुरुषार्थ किया है।धन्य हैं सभा के संस्थापक एवं कार्यकर्ता । #जयआर्य #जयआर्यावर्त्त

वर्त्तमान में जहां सामाजिक संगठन 'युवाओं'के अभाव में उत्साह एवं ऊर्जा विहीन होते जा रहे हैं,वहीं तर्क सहित सत्य विद्या का आधान युवा हृदयों में करके "राष्ट्रीय आर्य निर्मात्री सभा" ने एक अद्वितीय पुरुषार्थ किया है।धन्य हैं सभा के संस्थापक एवं कार्यकर्ता ।
#जयआर्य #जयआर्यावर्त्त