मुट्ठीभर खुशियों की ही तरह
तुम मुझे हिस्सों में मिले
तुम्हारी जिंदादिली
तुम्हारी नाराज़गी
तुम्हारी बेपरवाही
और तुम्हारी मौजूदगी
इन हिस्सो को जोड़कर 'तुम्हें' पाने में
एक सदी लगेगी मुझे।।
~ किताबगंज
भारत रत्न लाल बहादुर शास्त्री जी का सादगीपूर्ण, दूरदर्शी व निडर व्यक्तित्व पूरे देश को प्रेरित करता है। उनके हिमालय जैसे मजबूत नेतृत्व और ‘जय जवान जय किसान’ के ओजस्वी नारे ने भारत की समृद्धि व सुरक्षा के दो सबसे बड़े स्तंभ...किसानों और जवानों को सशक्त किया।
उन्हें कोटि-कोटि नमन।