Amit Shah अंबेडकर कोई संविधान निर्माता नहीं थे अमित शाह जी उन्होंने तो खुद 2 सितंबर 1953 को कहा था कि मैं पहले व्यक्ति होऊंगा जो संविधान को जला दूंगा उनकी खुद की स्पीच देख लो
Amit Shah
इसलिए फालतू झूठ ना बोलो
आज के ट्विटर की न्यूज़ का टॉप ट्रेंड देखो
"Reserved categories reach 60% of
आरक्षण वाले जब कहते हैं कि हमारा हजारों साल शोषण हुआ, इसके मुआवजे में हमें पढ़ाई में आरक्षण दे दो तो इसका मतलब वह क्या कहना चाहते हैं ?
किसके शोषण का गाना गाते हैं
मैं आरज़ू तो नहीं हूँ , मगर तू पाल के देख ,
मोहब्बतों में कोई रास्ता निकाल के देख।
मैं अपने दोनों तरफ एक सा हूँ तेरे लिए ,
किसी से शर्त लगा , फिर मुझे उछाल के देख।।
//अबरार काशिफ़
🤍🌸🤍🌸🤍🌸🤍🌸🤍
.
#आगरा के गुलशन केन शिक्षक है. कार से घूमते है. पिछले दिनों उनका चालान कट गया. गुनाह यह था कि कार के अंदर उन्होने हैलमेट नही लगाया था. गुलशन अब कार में हैलमेट लगाकर चलते है
यूपी पुलिस को सलाम!
Congress अंबेडकर को तो तुम लोग भगवान बनाए हुए हो जो 1942 में भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान ही सीधा ब्रिटिश सरकार में मंत्री बन गए थे तुम लोगों के मुंह से आजादी की बात अच्छी नहीं लगती
जो बदलते महबूब हों,
उनके दिल में क्या रखा है…
मेरा तो दिल बस एक ही जगह अटका है,
जहाँ तुम हो—और वहीं से लौटना भी नहीं चाहता… ❤️✨
दूसरे कितने ही दिल बदल लें,
मैं तो एक तुम्हारी धड़कन पर उम्र भर सज़दा करूँगा… 💖🔥
प्रेम और समर्पण का आभास
आंखों से नहीं
हृदय से ही किया जा सकता है
क्योंकि
जो मन और हृदय की दृष्टि से
देखा या अनुभव किया जा सकता है,
वह नेत्रों से
कदापि समझा नहीं जा सकता❣️
🍁🌹🍁
शुभ प्रभात मित्रों ☕ 🥀
जय श्रीराम 🏹🚩
ॐ हं हनुमते नमः🕉️🚩
जय श्री श्याम🔔🥀
राधे 🌹 राधे 🪴
🔰जब Higher Education मे 60% से ज्यादा सीटे आरक्षित वर्ग ही ले जा रहे है।
🔰फिर ये झूठ क्यो फैलाया जा रहा है कि आरक्षित वर्ग वो पढ़ने नही दिया जाता।
🔰जबकि सच्चाई ये है कि जातिवादी रिजर्वेशन की वजह से,
🔰गरीब स्वर्ण, दलित का बच्चा भी अमीर SC-ST Reserved लोगो के आगे दब जाता है।
😊😊
कभी फ़ुरसत में हो
तो....हमसे बात करना
कही दिल ना लगे
तो....हमसे बात करना
दिल भर जाये जो सबसे
तो.....हमसे बात करना
तुम पे ठहरने की पाबंदियाँ
थी ही नहीं कभी
कभी मन हो जो.........😊
पाबंदियों में क़ैद होने का
तो.....हमसे बात करना🥹🙂😊
आरक्षण वालो अगर 3000 साल तक तुम्हारे पूर्वज बकलोल और पगले पैदा होते थे
जो 90% होने के बाद भी अपनी खुद की विद्या नहीं बनाए
इसलिए विद्या से वंचित रह गए तो इसमें हम लोगों का कोई दोष नहीं है दोष अपने पगलेट पूर्वजों को दो
जिस देश में,
आजादी के बाद की तीसरी, चौथी पीढ़ी गुलामी और 500 साल पहले की गुलामी और शोषण का रोना रोती हो,
जमींदारों की दूसरी पीढ़ी आरक्षण के लिए आंदोलित होती हो,
देश की अठारहवी लोकसभा के सत्र में पंद्रहवे प्रधानमंत्री सदन में देश के पहले प्रधानमंत्री के दोष और कमियों के बारे में
आज सरकारी जमीन में |
अपने आप नीचे से मजार निकल आई है |
और फिर अपने आप लोहे ही किवाड़ भी लग गई |
पेंट भी दरगाह ने खुद कर लिया और मोटा पलस्तर भी |
अब कुछ सालों बाद दरगाह संजौली की तरफ बड़ी हो जाएगी |
पर पुष्कर धामी सरकार के सामने यह फार्मूले अब चलने के नहीं है |
' प्रेम ' वह क्षण है
जब किसी की आवाज़
तुम्हें अपने जीवन की सारी अनिश्चितताओं से
कुछ देर के लिए मुक्त कर दे।
ऐसे लोग कम मिलते हैं ,
जो हमारी बेचैनी को छूकर शांत कर दें।।
🤍🌸🤍🌸🤍🌸🤍
.
जब रिश्ता मन से आगे
रूह से जुड़ गया
बिना पाज़ेब पहने ही
मन नृत्य करने लगा
कुछ पल ज़िंदगी के
गुजार लूं मैं
आपकी बाहों के घेरे में
मिट जाए बेचैनी
आपके करीब आते ही
हर धड़कन
सुकून से भर जाती हैं मेरी
कुछ पल ज़िंदगी
रूक जाए या सांसें थम जाए
बिना पाज़ेब पहने
नाच उठेगी ज़िन्दगी🌹