𝐑𝐀𝐇𝐔𝐋 𝐉𝐇𝐀 (𝐇𝐚𝐳𝐫𝐚𝐭-𝐞-𝐉𝐡𝐚)
@hazratejha
𝐇𝐞𝐫𝐦𝐢𝐭 | 𝐏𝐨𝐞𝐭 | 𝐄𝐝𝐮𝐜𝐚𝐭𝐨𝐫 |
𝐃𝐌 𝐟𝐨𝐫 𝐥𝐞𝐚𝐫𝐧𝐢𝐧𝐠 𝐔𝐫𝐝𝐮 𝐆𝐡𝐚𝐳𝐚𝐥
𝐖𝐨𝐫𝐤𝐬 𝐚𝐭: 𝐡𝐭𝐭𝐩://𝐫𝐞𝐤𝐡𝐭𝐚.𝐨𝐫𝐠 | @𝐫𝐞𝐤𝐡𝐭𝐚
ID: 76455325
https://rekhta.org/poets/rahul-jha 22-09-2009 21:26:26
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कुछ इस अदा से मोहब्बत-शनास होना है। ख़ुशी के बाब में मुझ को उदास होना है । #राहुल_झा #Rahul_Jha 𝐑𝐀𝐇𝐔𝐋 𝐉𝐇𝐀 (𝐇𝐚𝐳𝐫𝐚𝐭-𝐞-𝐉𝐡𝐚) #Baab #Shair
मैं इश्क़ का सफ़ीर हूँ, इक अलहदा फ़क़ीर हूँ ख़ुदा का मैं वज़ीर हूँ, ख़ुदा मिरा मुआशक़ा ~राहुल झा 𝐑𝐀𝐇𝐔𝐋 𝐉𝐇𝐀 (𝐇𝐚𝐳𝐫𝐚𝐭-𝐞-𝐉𝐡𝐚)
यही नहीं कि मैं ना-मुतमइन हूँ दुनिया से मेरा वजूद भी इक मसअला रहा है मुझे #hazrat_e_jha #राहुल_झा 𝐑𝐀𝐇𝐔𝐋 𝐉𝐇𝐀 (𝐇𝐚𝐳𝐫𝐚𝐭-𝐞-𝐉𝐡𝐚)
अपनी आँखों से कहो कोई तक़ाज़ा न करे ख़ामुशी बरते, सर-ए-बज़्म तमाशा न करे #राहुल_झा #hazratejha 𝐑𝐀𝐇𝐔𝐋 𝐉𝐇𝐀 (𝐇𝐚𝐳𝐫𝐚𝐭-𝐞-𝐉𝐡𝐚) #Bazm #Shair
किसने सोचा था कि यूँ बैर करेगा मुझसे ख़ुद मेरा साया बहुत दूर बनेगा मुझसे #राहुल_झा 𝐑𝐀𝐇𝐔𝐋 𝐉𝐇𝐀 (𝐇𝐚𝐳𝐫𝐚𝐭-𝐞-𝐉𝐡𝐚)
वक़्त ए रुख़सत यूँ मिरी हर्फ-ए-रज़ा लेगा वो आँख में देखेगा और हाथ छुड़ा लेगा वो ~राहुल झा 𝐑𝐀𝐇𝐔𝐋 𝐉𝐇𝐀 (𝐇𝐚𝐳𝐫𝐚𝐭-𝐞-𝐉𝐡𝐚)
वस्ल की रुत हो कि फ़ुर्क़त की फ़ज़ा मुझ से है इश्क़ की राह में सब अच्छा बुरा मुझ से है ~राहुल झा 𝐑𝐀𝐇𝐔𝐋 𝐉𝐇𝐀 (𝐇𝐚𝐳𝐫𝐚𝐭-𝐞-𝐉𝐡𝐚) #Bura #Shair
अब के बिखरा तो मैं यकजा नहीं हो पाऊँगा तेरे हाथों से भी वैसा नहीं हो पाऊँगा !! मुझ को बीमार करेगी तिरी आदत इक दिन और फिर तुझ से भी अच्छा नहीं हो पाऊँगा !! अब मिरी ज़ात में बस एक की गुंजाइश है मैं हुआ धूप तो साया नहीं हो पाऊँगा !! ~ राहुल झा 𝐑𝐀𝐇𝐔𝐋 𝐉𝐇𝐀 (𝐇𝐚𝐳𝐫𝐚𝐭-𝐞-𝐉𝐡𝐚)
लाख समझाता हूँ मैं उसको मगर होते ही शाम एक हसरत चली आती है मेरे दिल की तरफ़ #राहुल_झा 𝐑𝐀𝐇𝐔𝐋 𝐉𝐇𝐀 (𝐇𝐚𝐳𝐫𝐚𝐭-𝐞-𝐉𝐡𝐚) #Dil #Shaam #Hasrat #Shair