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Gurnamo Kaur

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#Power_Of_TrueWorship सतभक्ति करने से इस दुःखों के घर संसार से पार होकर वह परम शान्ति तथा शाश्वत स्थान (सनातन परम धाम) प्राप्त हो जाता है (जिसके विषय में गीता अध्याय 18 श्लोक 62 में कहा है) जहाँ जाने के पश्चात् साधक फिर लौटकर संसार में कभी नहीं आता। Sant Rampal Ji Maharaj

#Power_Of_TrueWorship
सतभक्ति करने से इस दुःखों के घर संसार से पार होकर वह परम शान्ति तथा शाश्वत स्थान (सनातन परम धाम) प्राप्त हो जाता है (जिसके विषय में गीता अध्याय 18 श्लोक 62 में कहा है) जहाँ जाने के पश्चात् साधक फिर लौटकर संसार में कभी नहीं आता।

Sant Rampal Ji Maharaj
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#Power_Of_TrueWorship सतभक्ति न करने वाले या शास्त्रविरूद्ध भक्ति करने वाले को यम के दूत भुजा पकड़कर ले जाते हैं Sant Rampal Ji Maharaj

#Power_Of_TrueWorship
सतभक्ति न करने वाले या शास्त्रविरूद्ध भक्ति करने वाले को यम के दूत भुजा पकड़कर ले जाते हैं 
Sant Rampal Ji Maharaj
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#Power_Of_TrueWorship सतभक्ति करने से इस दुःखों के घर संसार से पार होकर वह परम शान्ति तथा शाश्वत स्थान (सनातन परम धाम) प्राप्त हो जाता है (जिसके विषय में गीता अध्याय 18 श्लोक 62 में कहा है) जहाँ जाने के पश्चात् साधक फिर लौटकर संसार में कभी नहीं आता। Sant Rampal Ji Maharaj

#Power_Of_TrueWorship
सतभक्ति करने से इस दुःखों के घर संसार से पार होकर वह परम शान्ति तथा शाश्वत स्थान (सनातन परम धाम) प्राप्त हो जाता है (जिसके विषय में गीता अध्याय 18 श्लोक 62 में कहा है) जहाँ जाने के पश्चात् साधक फिर लौटकर संसार में कभी नहीं आता।

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#Power_Of_TrueWorship सतभक्ति न करने वाले या शास्त्रविरूद्ध भक्ति करने वाले को यम के दूत भुजा पकड़कर ले जाते हैं Sant Rampal Ji Maharaj

#Power_Of_TrueWorship
सतभक्ति न करने वाले या शास्त्रविरूद्ध भक्ति करने वाले को यम के दूत भुजा पकड़कर ले जाते हैं 
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#Satlok_Vs_Earth सतलोक में जाने के बाद जीवात्मा का जन्म-मरण हमेशा के लिए समाप्त हो जाता है। लेकिन सतभक्ति के अभाव में पृथ्वी के प्राणी 84 लाख योनियों के चक्कर में भटकते रहते हैं। Sant Rampal Ji Maharaj

#Satlok_Vs_Earth
सतलोक में जाने के बाद जीवात्मा का जन्म-मरण हमेशा के लिए समाप्त हो जाता है।
लेकिन सतभक्ति के अभाव में पृथ्वी के प्राणी 84 लाख योनियों के चक्कर में भटकते रहते हैं।

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#Satlok_Vs_Earth काल लोक/पृथ्वी लोक में पांच तत्व का शरीर होता है। लेकिन सतलोक में हमारा पांच तत्व का शरीर नहीं होता। वहाँ हमारा नूरी शरीर होता है। जो नश्वर नहीं होता। Sant Rampal Ji Maharaj

#Satlok_Vs_Earth
काल लोक/पृथ्वी लोक में पांच तत्व का शरीर होता है। 
लेकिन सतलोक में हमारा पांच तत्व का शरीर नहीं होता। वहाँ हमारा नूरी शरीर होता है। जो नश्वर नहीं होता।

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#Satlok_Vs_Earth सतलोक में भक्ति नष्ट नहीं होती। सतलोक शाश्वत स्थान है। वहां हंस आत्माएं हैं। Sant Rampal Ji Maharaj

#Satlok_Vs_Earth
सतलोक में भक्ति नष्ट नहीं होती। सतलोक शाश्वत स्थान है। वहां हंस आत्माएं हैं।

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#Satlok_Vs_Earth काल लोक/पृथ्वी लोक में सुविधाजनक वस्तुएं होने के बावजूद यहां कोई भी सुखी नहीं है। यहां हर पल मौत का तांडव होता है। यहां हर व्यक्ति के मन में रोग तथा मृत्यु का भय हर पल रहता है। Sant Rampal Ji Maharaj

#Satlok_Vs_Earth
काल लोक/पृथ्वी लोक में सुविधाजनक वस्तुएं होने के बावजूद यहां कोई भी सुखी नहीं है। 
यहां हर पल मौत का तांडव होता है। 
यहां हर व्यक्ति के मन में रोग तथा मृत्यु का भय हर पल रहता है।
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#Satlok_Vs_Earth जबकि सतलोक में किसी गुण का कोई दवाब नहीं है। जीव पूर्णतया स्वतंत्र है। Sant Rampal Ji Maharaj

#Satlok_Vs_Earth
जबकि सतलोक में किसी गुण का कोई दवाब नहीं है। जीव पूर्णतया स्वतंत्र है।

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#Satlok_Vs_Earth काल लोक/पृथ्वी लोक में सब कर्म बंधन से बंधे हैं। जीव को तीनों गुणों के प्रभाव से विवश कर सब कार्य करवाया जाता है। Sant Rampal Ji Maharaj

#Satlok_Vs_Earth
काल लोक/पृथ्वी लोक में सब कर्म बंधन से बंधे हैं। जीव को तीनों गुणों के प्रभाव से विवश कर सब कार्य करवाया जाता है।
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#Power_Of_TrueWorship वेद में लिखा है कि पूर्ण परमात्मा मर चुके हुए साधक को भी जीवित करके 100 वर्ष तक जीने की शक्ति भी दे सकता है। संत रामपाल जी महाराज ऐसी ही सतभक्ति बताते हैं। Sant Rampal Ji Maharaj

#Power_Of_TrueWorship
वेद में लिखा है कि पूर्ण परमात्मा मर चुके हुए साधक को भी जीवित करके 100 वर्ष तक जीने की शक्ति भी दे सकता है। संत रामपाल जी महाराज ऐसी ही सतभक्ति बताते हैं।

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#Power_Of_TrueWorship सतभक्ति करने से इस दुःखों के घर संसार से पार होकर वह परम शान्ति तथा शाश्वत स्थान (सनातन परम धाम) प्राप्त हो जाता है (जिसके विषय में गीता अध्याय 18 श्लोक 62 में कहा है) जहाँ जाने के पश्चात् साधक फिर लौटकर संसार में कभी नहीं आता। Sant Rampal Ji Maharaj

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सतभक्ति करने से इस दुःखों के घर संसार से पार होकर वह परम शान्ति तथा शाश्वत स्थान (सनातन परम धाम) प्राप्त हो जाता है (जिसके विषय में गीता अध्याय 18 श्लोक 62 में कहा है) जहाँ जाने के पश्चात् साधक फिर लौटकर संसार में कभी नहीं आता।

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#Power_Of_TrueWorship सतभक्ति करने से इस दुःखों के घर संसार से पार होकर वह परम शान्ति तथा शाश्वत स्थान (सनातन परम धाम) प्राप्त हो जाता है (जिसके विषय में गीता अध्याय 18 श्लोक 62 में कहा है) जहाँ जाने के पश्चात् साधक फिर लौटकर संसार में कभी नहीं आता। Sant Rampal Ji Maharaj

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सतभक्ति करने से इस दुःखों के घर संसार से पार होकर वह परम शान्ति तथा शाश्वत स्थान (सनातन परम धाम) प्राप्त हो जाता है (जिसके विषय में गीता अध्याय 18 श्लोक 62 में कहा है) जहाँ जाने के पश्चात् साधक फिर लौटकर संसार में कभी नहीं आता।

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#Satlok_Vs_Earth सतलोक में जाने के बाद जीवात्मा का जन्म-मरण हमेशा के लिए समाप्त हो जाता है। लेकिन सतभक्ति के अभाव में पृथ्वी के प्राणी 84 लाख योनियों के चक्कर में भटकते रहते हैं। Sant Rampal Ji Maharaj

#Satlok_Vs_Earth
सतलोक में जाने के बाद जीवात्मा का जन्म-मरण हमेशा के लिए समाप्त हो जाता है।
लेकिन सतभक्ति के अभाव में पृथ्वी के प्राणी 84 लाख योनियों के चक्कर में भटकते रहते हैं।

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