gitasharma (@gitasharma22206) 's Twitter Profile
gitasharma

@gitasharma22206

ID: 1818149537741160448

calendar_today30-07-2024 05:00:19

5,5K Tweet

51 Followers

195 Following

gitasharma (@gitasharma22206) 's Twitter Profile Photo

#सत_भक्त "पूर्ण मोक्ष" मनुष्य जीवन केवल मोक्ष प्राप्ति के लिए ही प्राप्त होता है। पूर्ण मोक्ष के लिए केवल एक परमात्मा की भक्ति करनी चाहिए। अन्य देवताओं (रजगुण ब्रह्मा जी, सतगुण विष्णु जी तथा तमगुण शिव जी) की भक्ति से पूर्ण मोक्ष नहीं होता।

#सत_भक्त
"पूर्ण मोक्ष"
मनुष्य जीवन केवल मोक्ष प्राप्ति के लिए ही प्राप्त होता है। पूर्ण मोक्ष के लिए केवल एक परमात्मा की भक्ति करनी चाहिए। अन्य देवताओं (रजगुण ब्रह्मा जी, सतगुण विष्णु जी तथा तमगुण शिव जी) की भक्ति से पूर्ण मोक्ष नहीं होता।
gitasharma (@gitasharma22206) 's Twitter Profile Photo

#GodMorningSaturday कबीर, बलिहारी गुरू आपने, घड़ी घड़ी सौ-सौ बार । मानुष से देवता किया, करत न लागी वार।। गुरु की महानता इतनी बड़ी है कि उनकी प्रशंसा बार-बार करनी चाहिए। गुरु वह व्यक्ति है जो साधारण इंसान को अपने ज्ञान और शिक्षा से देवता के स

#GodMorningSaturday
कबीर, बलिहारी गुरू आपने, घड़ी घड़ी सौ-सौ बार । मानुष से देवता किया, करत न लागी वार।।
गुरु की महानता इतनी बड़ी है कि उनकी प्रशंसा बार-बार करनी चाहिए। गुरु वह व्यक्ति है जो साधारण इंसान को अपने ज्ञान और शिक्षा से देवता के स
gitasharma (@gitasharma22206) 's Twitter Profile Photo

कथा करो करतार की, सुनो कथा करतार। आन कथा सुनों नहीं, कह कबीर विचार।। कबीर परमेश्वर जी ने समझाया है कि या तो परमात्मा की महिमा का गुणगान (कथा) करो या कहीं परमात्मा की चर्चा (कथा) हो रही हो तो वह सुनो। काम यानि अश्लील चर्चा कभी न सुनना। संत रामपाल जी महाराज ज

कथा करो करतार की, सुनो कथा करतार। 
आन कथा सुनों नहीं, कह कबीर विचार।।
कबीर परमेश्वर जी ने समझाया है कि या तो परमात्मा की महिमा का गुणगान (कथा) करो या कहीं परमात्मा की चर्चा (कथा) हो रही हो तो वह सुनो। काम यानि अश्लील चर्चा कभी न सुनना।
संत रामपाल जी महाराज ज
gitasharma (@gitasharma22206) 's Twitter Profile Photo

🪴 🪴 🏜️🏜️ कबीर, जान बूझ साच्ची तजैं, करै झूठ से नेह। ताकि संगत हे प्रभु, स्वपन में भी ना देय।। कबीर परमेश्वर जी ने कहा है कि जो व्यक्ति प्रमाण आँखों देखकर भी झूठ को ही आधार मानता है, उस व्यक्ति से तो परमात्मा ! स्वपन में भी ना मिलाना। वह इतना दुष्ट है।

🪴 🪴 🏜️🏜️ 
कबीर, जान बूझ साच्ची तजैं, करै झूठ से नेह।
ताकि संगत हे प्रभु, स्वपन में भी ना देय।।

कबीर परमेश्वर जी ने कहा है कि जो व्यक्ति प्रमाण आँखों देखकर भी झूठ को ही आधार मानता है, उस व्यक्ति से तो परमात्मा ! स्वपन में भी ना मिलाना। वह इतना दुष्ट है।
gitasharma (@gitasharma22206) 's Twitter Profile Photo

#सत_भक्ति_संदेश सन्त मिले सुख उपजै, दुष्ट मिले दुख होय। सेवा कीजै सन्त की, जनम कृतारथ होय।। संतों के दर्शन-मिलने से सुख प्राप्त होता है और दुष्टों (दुर्जनों) के मिलने से दुःख मिलता है, अतः सदा संतों की सेवा करनी चाहिए, इससे जन्म कृतार्थ (सफल) हो ज

#सत_भक्ति_संदेश
सन्त मिले सुख उपजै, दुष्ट मिले दुख होय।
 सेवा कीजै सन्त की, जनम कृतारथ होय।।

संतों के दर्शन-मिलने से सुख प्राप्त होता है और दुष्टों (दुर्जनों) के मिलने से दुःख मिलता है, अतः सदा संतों की सेवा करनी चाहिए, इससे जन्म कृतार्थ (सफल) हो ज
gitasharma (@gitasharma22206) 's Twitter Profile Photo

कबीर, गुरू के शिष्य की जगदीश करै सहाय। नाम जपै अरू दान धर्म में कबहू न अलसाय।। गुरू जी के उपदेशी शिष्य की परमेश्वर सहायता करता है। शिष्य को गुरू जी के बताए नाम जाप तथा दान-धर्म करने में कभी आलस नहीं करना चाहिए।

कबीर, गुरू के शिष्य की जगदीश करै सहाय। नाम जपै अरू दान धर्म में कबहू न अलसाय।।

गुरू जी के उपदेशी शिष्य की परमेश्वर सहायता करता है। शिष्य को गुरू जी के बताए नाम जाप तथा दान-धर्म करने में कभी आलस नहीं करना चाहिए।
gitasharma (@gitasharma22206) 's Twitter Profile Photo

#सत_भक्ति_संदेश सतलोक जहां शंखो लहर मेहर की उपजे, कहर नही जहां कोई। दास गरीब अचल अविनाशी, सुख का सागर सोई।। भावार्थ: उस लोक में असंख्य लहर मेहर (दया) की उठती है, वहां कोई कहर (भयंकर दुःख) नही है। वह अमर लोक अचल अविनाशी अर्थात कभी नाश होने वाला नही

#सत_भक्ति_संदेश 
सतलोक 
जहां शंखो लहर मेहर की उपजे, कहर नही जहां कोई।
दास गरीब अचल अविनाशी, सुख का सागर सोई।।
भावार्थ: उस लोक में असंख्य लहर मेहर (दया) की उठती है, वहां कोई कहर (भयंकर दुःख) नही है। वह अमर लोक अचल अविनाशी अर्थात कभी नाश होने वाला नही
gitasharma (@gitasharma22206) 's Twitter Profile Photo

#सत_भक्ति_संदेश कबीर साहिब जी कहते हैं कि सदगुरु ऐसा होना चाहिए, जिसके हृदय में लोग ना हो, मोह-माया से दूर हो तथा भ्रम-संदेश से मुक्त हो। ऐसा सदगुरु इस संसार-रूपी सागर में दिखाई तो अवश्य पड़ता है, परंतु वह संसार की कुवासनाओं और महत्वाकांक्षाओं से अलग रहता

#सत_भक्ति_संदेश 
कबीर साहिब जी कहते हैं कि सदगुरु ऐसा
होना चाहिए, जिसके हृदय में लोग ना हो, मोह-माया से दूर हो तथा भ्रम-संदेश से मुक्त हो। ऐसा सदगुरु इस संसार-रूपी सागर में दिखाई तो अवश्य पड़ता है, परंतु वह संसार की कुवासनाओं  और महत्वाकांक्षाओं से अलग रहता
gitasharma (@gitasharma22206) 's Twitter Profile Photo

माया काली नागिनी, अपने जाये खात। कुण्डली में छोडे नहीं, सौ बातों की बात।। इसी प्रकार यह कालबली का जाल है। निरंजन तक की भक्ति संत से नाम लेकर करेगें तो भी वे इस निरंजन (इक्कीस ब्रह्माण्ड) की कुंडली से बाहर नहीं निकल सकते।

माया काली नागिनी, अपने जाये खात। कुण्डली में छोडे नहीं, सौ बातों की बात।।
इसी प्रकार यह कालबली का जाल है। निरंजन तक की भक्ति संत से नाम लेकर करेगें तो भी वे इस निरंजन (इक्कीस ब्रह्माण्ड) की कुंडली से बाहर नहीं निकल सकते।
gitasharma (@gitasharma22206) 's Twitter Profile Photo

सतगुरु मिलैं तो इच्छा मेटैं, पद मिल पदे समाना। चल हंसा उस लोक पठाऊँ, जो आदि अमर अस्थाना ।। #कलयुगमेंसतयुगकीशुरुआत_भाग6 🇮🇳 Ishu Sahu RJN 🐦

सतगुरु मिलैं तो इच्छा मेटैं,
 पद मिल पदे समाना। 
चल हंसा उस लोक पठाऊँ, 
जो आदि अमर अस्थाना ।।
#कलयुगमेंसतयुगकीशुरुआत_भाग6
<a href="/Ishu_RJN/">🇮🇳 Ishu Sahu RJN 🐦</a>
gitasharma (@gitasharma22206) 's Twitter Profile Photo

#सत_भक्ति_संदेश भक्ति और मुक्ति कबीर, प्रेम भक्ति मे रचि रहे, मोक्ष मुक्ति फल पाय। शब्द माहि जब मिली रहै,नहि आबै नहि जाय।। भावार्थ : कबीर साहेब जी कहते हैं कि जो प्रेम और भक्ति में रच-वस गया है उसे मुक्ति और मोक्ष का फल प्राप्त होता है। पढ़ें पुस्तक ज्ञान ग

#सत_भक्ति_संदेश 
भक्ति और मुक्ति
कबीर, प्रेम भक्ति मे रचि रहे, मोक्ष मुक्ति फल पाय।
शब्द माहि जब मिली रहै,नहि आबै नहि जाय।।
भावार्थ :
कबीर साहेब जी कहते हैं कि जो प्रेम और भक्ति में रच-वस गया है उसे मुक्ति और मोक्ष का फल प्राप्त होता है।
पढ़ें पुस्तक ज्ञान ग
gitasharma (@gitasharma22206) 's Twitter Profile Photo

#सत_भक्ति_संदेश जिस दिन हम सच्चे संत के सत्संग में जाते हैं उस दिन यदि हमारे भाग्य में मृत्यु भी लिखी हो तो भी परमात्मा उस मृत्यु को टाल देता है। संत शरण में आने से,आई टले बला। जो मस्तक में सूली हो, वह कांटे में टल जा।। देखें साधना चैनल प्रतिदिन शाम07:30

#सत_भक्ति_संदेश
जिस दिन हम सच्चे संत के सत्संग में जाते हैं उस दिन यदि हमारे भाग्य में मृत्यु भी लिखी हो तो भी परमात्मा उस मृत्यु को टाल देता है।

संत शरण में आने से,आई टले बला।
जो मस्तक में सूली हो, वह कांटे में टल जा।।

देखें साधना चैनल प्रतिदिन शाम07:30
gitasharma (@gitasharma22206) 's Twitter Profile Photo

गुरु की शरण कबीरा हरि के रूठते, गुरुके शरने जाय। कहै कबीर गुरु रूठते, हरि नहिं होत सहाय ।। भावार्थ - कबीर परमेश्वर जी ने कहा है कि यदि भगवान रुष्ट हो गया है तो गुरु जी की शरण में जाओ। गुरुजी आपको नाम दीक्षा तथा आशीर्वाद देकर सुखी कर देगा। यदि गुरुजी ही र

गुरु की शरण 
कबीरा हरि के रूठते, गुरुके शरने जाय। 
कहै कबीर गुरु रूठते, हरि नहिं होत सहाय ।।
भावार्थ - कबीर परमेश्वर जी ने कहा है कि यदि भगवान रुष्ट हो गया है तो गुरु जी की शरण में जाओ। गुरुजी आपको नाम दीक्षा तथा आशीर्वाद देकर सुखी कर देगा। यदि गुरुजी ही र
gitasharma (@gitasharma22206) 's Twitter Profile Photo

पूर्ण संत_____________🌺🌺 जो कबीर परमेश्वर (कविर्देव) का कृपा पात्र हो, उससे उपदेश लेकर अपना कल्याण करवाओ । झूठे गुरूओं के आश्रित रहने से जीवन व्यर्थ होता है । उस शास्त्र विरुद्ध साधना बताने वाले नकली गुरू को त्याग देना चाहिये । उसके तो दर्शन भी अशुभ होते हैं!

पूर्ण संत_____________🌺🌺
जो कबीर परमेश्वर (कविर्देव) का कृपा पात्र हो, उससे उपदेश लेकर अपना कल्याण करवाओ ।
झूठे गुरूओं के आश्रित रहने से जीवन व्यर्थ होता है । उस शास्त्र विरुद्ध साधना बताने वाले नकली गुरू को त्याग देना चाहिये । उसके तो दर्शन भी अशुभ होते हैं!
gitasharma (@gitasharma22206) 's Twitter Profile Photo

कबीर, सर्व सोने की लंका थी, वो रावण से रणधीरं । एक पलक मे राज विराजै, जम के पड़े जंजीरं ।। पूज्यनीय भगवान कबीर साहेब जी बताते हैं, रावण की पूरी लंका सोने से बनी थी। वह बहुत शक्तिशाली शासक था। परन्तु फिर भी सतभक्ति बिना लंकापति रावण भी एक ही क्षण में राख हो गया।

कबीर, सर्व सोने की लंका थी, वो रावण से रणधीरं । एक पलक मे राज विराजै, जम के पड़े जंजीरं ।।

पूज्यनीय भगवान कबीर साहेब जी बताते हैं, रावण की पूरी लंका सोने से बनी थी। वह बहुत शक्तिशाली शासक था। परन्तु फिर भी सतभक्ति बिना लंकापति रावण भी एक ही क्षण में राख हो गया।
gitasharma (@gitasharma22206) 's Twitter Profile Photo

#सत_भक्ति_संदेश परमात्मा परम पूज्य कबीर प्रभु एक जिन्दा महात्मा का रूप बना कर श्री नानक जी से मिलने पंजाब में गए तब श्री नानक साहेब जी से वार्ता हुई। तब परमेश्वर कबीर जी ने कहा कि आप जैसी पुण्यात्मा जन्म-मृत्यु का कष्ट भोग रहे हो फिर आम जीव का कहां ठिकान

#सत_भक्ति_संदेश 
परमात्मा
परम पूज्य कबीर प्रभु एक जिन्दा महात्मा का रूप बना कर श्री नानक जी से मिलने पंजाब में गए तब श्री नानक साहेब जी से वार्ता हुई। तब परमेश्वर कबीर जी ने कहा कि आप जैसी पुण्यात्मा जन्म-मृत्यु का कष्ट भोग रहे हो फिर आम जीव का कहां ठिकान
gitasharma (@gitasharma22206) 's Twitter Profile Photo

#सत_भक्ति_संदेश परमेश्वर कबीर साहेब जी कहते हैं कि भक्त मार्ग पर चलते समय नीचे देखकर चले। भक्त की दृष्टि चलते समय चार हाथ यानि ६ फुट दूर सामने रहनी चहिए। धर्म-कर्म के ज्ञान का विचार करके पर स्त्री तथा प्रधान को देखकर दोष दृष्टि न करें। पढ़ें पुस्तक ज्ञान ग

#सत_भक्ति_संदेश
परमेश्वर कबीर साहेब जी कहते हैं कि
भक्त मार्ग पर चलते समय नीचे देखकर चले। भक्त की दृष्टि चलते समय चार हाथ यानि ६ फुट दूर सामने रहनी चहिए। धर्म-कर्म के ज्ञान का विचार करके पर स्त्री तथा प्रधान को देखकर दोष दृष्टि न करें।
पढ़ें पुस्तक ज्ञान ग
gitasharma (@gitasharma22206) 's Twitter Profile Photo

#सत_भक्ति_संदेश कबीर सोई पीर है, जो जाने पर पीर। जो पर पीर न जाने, सो काफिर बेपीर॥ कबीर साहिब जी कहते हैं कि सच्चा संत वही है जो सहानुभूति रखने वाला हो, और दूसरों का दर्द समझने वाला हो, जो दूसरों कादर्द नहीं समझता वह पीर यानी संत नहीं हो सकता।

#सत_भक्ति_संदेश 
कबीर सोई पीर है, जो जाने पर पीर।
जो पर पीर न जाने, सो काफिर बेपीर॥
कबीर साहिब जी कहते हैं कि सच्चा संत वही है जो सहानुभूति रखने वाला हो, और दूसरों का दर्द समझने वाला हो, जो दूसरों कादर्द नहीं समझता वह पीर यानी संत नहीं हो सकता।