गिरिराज किशोर शर्मा Vp भिलवाड़ी- झालावाड़ (राज.) (@girirajks) 's Twitter Profile
गिरिराज किशोर शर्मा Vp भिलवाड़ी- झालावाड़ (राज.)

@girirajks

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calendar_today03-07-2018 13:55:49

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Satlok Ashram Sojat (@satloksojat) 's Twitter Profile Photo

तीर्थों के जल में स्नान करने से शरीर का मैल तो धुल जाता है, परंतु मन का मैल नहीं धुलता। उसके लिए तत्त्वदर्शी संत का सत्संग सुनना चाहिए। #सत_भक्ति_संदेश #सतलोक_आश्रम_सोजत #SatlokAshramSojat #SatlokAshram #KabirIsGod #SaintRampalJiQuotes

सत कबीर की रजा (@satkabirkirja) 's Twitter Profile Photo

🌱एक लेवा एक देवा दूतं, कोई काहू का पिता न पूतं । ऋण सम्बन्ध जुडा एक ठाठा, अंत समय सब बारा बाटा।।अधिक जानकारी के लिए देखिये हमारा फेसबुक पेज - spiritualleaderSantRampalJi

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जब शरीर छूटेगा आत्मा का हिसाब धर्मराज के सामने होगा सच्ची भगति बिना वहां यम के बांह पकड़कर पिटाई करेगें बिना सतगुरू नही छूट पाऔगे । ___कबीर साहेब ।। 🌱

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कर्मकांड करना (पित्तर पूजा, श्राद्ध निकालना, भूत पूजा, मूर्ति पूजा) वेद विरूद्ध है। #सत_भक्ति_संदेश #सतलोक_आश्रम_सोजत #SatlokAshramSojat #SatlokAshram #KabirIsGod #SaintRampalJiQuotes

कर्मकांड करना (पित्तर पूजा, श्राद्ध निकालना, भूत पूजा, मूर्ति पूजा) वेद विरूद्ध है। #सत_भक्ति_संदेश #सतलोक_आश्रम_सोजत #SatlokAshramSojat #SatlokAshram #KabirIsGod #SaintRampalJiQuotes
Mukti Bodh | मुक्ति बोध (@muktibodhbook) 's Twitter Profile Photo

#ये_है_गीता_का_ज्ञान ⤵️ गीता अध्याय 1 श्लोक 12 से 15 में कहा है कि तीनों प्रभुओं (त्रिगुणमाया) के पुजारी राक्षस स्वभाव को धारण किए हुए, मनुष्यों में नीच, शास्त्र विरूद्ध साधना रूपी दुष्कर्म करने वाले, मूर्ख मुझे (ब्रह्म को) नहीं भजते । यही प्रमाण गीता अध्याय 16 श्लोक 4...

#ये_है_गीता_का_ज्ञान ⤵️
गीता अध्याय 1 श्लोक 12 से 15

में कहा है कि तीनों प्रभुओं (त्रिगुणमाया) के पुजारी राक्षस स्वभाव को धारण किए हुए, मनुष्यों में नीच, शास्त्र विरूद्ध साधना रूपी दुष्कर्म करने वाले, मूर्ख मुझे (ब्रह्म को) नहीं भजते ।

यही प्रमाण गीता अध्याय 16 श्लोक 4...
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#ये_है_गीता_का_ज्ञान पवित्र गीता जी अध्याय 9 श्लोक 25 में साफ लिखा है कि भूतों को पूजोगे तो भूतों की योनियों में जाओगे और पितर पूजोगे तो पितर योनि में जाओगे। फिर क्यों आप श्राद्ध कर्म, पिंड दान आदि करते हो? ये मोक्ष मार्ग के विपरीत क्रियाएं हैं।

#ये_है_गीता_का_ज्ञान
पवित्र गीता जी अध्याय 9 श्लोक 25 में साफ लिखा है कि भूतों को पूजोगे तो भूतों की योनियों में जाओगे और पितर पूजोगे तो पितर योनि में जाओगे।

फिर क्यों आप श्राद्ध कर्म, पिंड दान आदि करते हो? ये मोक्ष मार्ग के विपरीत क्रियाएं हैं।
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गीता ज्ञान दाता ने योग अर्थात् सद्भक्ति करने वालों को अधिक खाने, व्रत करने,सदा जागने,अधिक शयन करने के लिए मना किया है। नियमित आहार और नियमित शयन करना चाहिए। जो निराहार रहते हैं। व्रत करते हैं वे परमात्मा के विधान को खंड करते हैं और मोक्ष से वंचित रह जाते हैं #ये_है_गीता_का_ज्ञान

गीता ज्ञान दाता ने योग अर्थात् सद्भक्ति करने वालों को अधिक खाने, व्रत करने,सदा जागने,अधिक शयन करने के लिए मना किया है। नियमित आहार और नियमित शयन करना चाहिए। जो निराहार रहते हैं। व्रत करते हैं वे परमात्मा के विधान को खंड करते हैं और मोक्ष से वंचित रह जाते हैं
#ये_है_गीता_का_ज्ञान
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इस अध्याय में काल भगवान स्वयं कह रहा है कि मैं सर्व लोकों का नाश करने वाला बढ़ा हुआ काल हूँ। इस समय लोकों को नष्ट करने के लिए आया (प्रकट हुआ) हूँ। इससे सिद्ध है कि गीता का ज्ञान काल / ब्रह्म ने श्री कृष्ण जी के शरीर में प्रवेश करके अर्जुन को सुनाया था।

इस अध्याय में काल भगवान स्वयं कह रहा है कि मैं सर्व लोकों का नाश करने वाला बढ़ा हुआ काल हूँ। इस समय लोकों को नष्ट करने के लिए आया (प्रकट हुआ) हूँ।

इससे सिद्ध है कि गीता का ज्ञान काल / ब्रह्म ने श्री कृष्ण जी के शरीर में प्रवेश करके अर्जुन को सुनाया था।
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संत रामपाल जी महाराज ने ही इस रहस्य को उजागर किया है। #ये_है_गीता_का_ज्ञान

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गीताजी अध्याय 4 श्लोक 5 में गीता ज्ञान देने वाला भगवान स्वयं को जन्म मरण के अंतर्गत बता रहा है, फिर जन्म मरण से परे अविनाशी व पूजनीय पूर्ण परमात्मा कौन है? हे अर्जुन ! मेरे और तेरे बहुत-से जन्म हो चुके हैं। उन सबको तू नहीं जानता किंतु मैं जानता हूँ। 🌱 #ये_है_गीता_का_ज्ञान

गीताजी अध्याय 4 श्लोक 5 में गीता ज्ञान देने वाला भगवान स्वयं को जन्म मरण के अंतर्गत बता रहा है, फिर जन्म मरण से परे अविनाशी व पूजनीय पूर्ण परमात्मा कौन है?

हे अर्जुन ! मेरे और तेरे बहुत-से जन्म हो चुके हैं। उन सबको तू नहीं जानता किंतु मैं जानता हूँ। 🌱
#ये_है_गीता_का_ज्ञान
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🌱 तत्वज्ञान युक्त सत्संग सुनने से सतभक्ति मार्ग का ज्ञान होता है। यदि एक आत्मा को भी सतभक्ति मार्ग पर लगाकर उसका आत्म कल्याण करवा दिया जाए तो करोड़ अवश्वमेघ यज्ञ का फल मिलता है। #GodMorningThursday

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”आत्म प्राण उद्धार ही, ऐसा धर्म नहीं और। कोटि अश्वमेघ यज्ञ, सकल समाना भौर।।“ #जीवात्मा के उद्धार के लिए किए गए कार्य अर्थात् सेवा से श्रेष्ठ कोई भी कार्य नहीं है, जो वर्तमान में संत रामपाल जी महाराज कर रहे हैं। 🌱

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संत रामपाल जी महाराज के #आध्यात्मिक सत्संग सुनने से मनुष्य को ज्ञात होता है कि उसके जीवन का मूल उद्देश्य क्या है, सत भक्ति की विधि क्या है, किस परमात्मा की भक्ति करने से उसका जीवन सफल होगा तथा उसे क्या कर्म करना चाहिए और क्या नहीं। 🌱

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हजार वर्ष तप करने का जो फल प्राप्त होता है उससे अधिक फल तत्वदर्शी संत का एक पल का #सत्संग मिल जाए उससे होता है। कबीर साहेब जी कहते हैं - सत्संग की आधी घड़ी, तप के वर्ष हजार l तो भी बराबर है नहीं, कहै कबीर विचार ll 🌱

LD JODHPUR (@jodhpurld1) 's Twitter Profile Photo

#ये_है_गीता_का_ज्ञान आदि सनातन धर्म होगा प्रतिष्ठित ⤵️⤵️ अवतार 🇮🇳🇮🇳 नास्त्रेदमस ने अपनी भविष्यवाणी में कहा था कि स्वतंत्रता के चार वर्ष बाद 1951 में भारत में एक महान संत का जन्म होगा जो 👉🌍विश्व को नए ज्ञान से परिचित कराएगा। वर्ष 1951 में संत रामपाल जी महाराज जी का जन्म हुआ।

#ये_है_गीता_का_ज्ञान
आदि सनातन धर्म होगा प्रतिष्ठित
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अवतार
🇮🇳🇮🇳
नास्त्रेदमस ने अपनी भविष्यवाणी में कहा था कि स्वतंत्रता के चार वर्ष बाद 1951 में भारत में एक महान संत का जन्म होगा जो 👉🌍विश्व को नए ज्ञान से परिचित कराएगा। वर्ष 1951 में संत रामपाल जी महाराज जी का जन्म हुआ।