दिल, दरख़्त और दिल्ली। (@dildarakhtdilli) 's Twitter Profile
दिल, दरख़्त और दिल्ली।

@dildarakhtdilli

Everyday Aesthete | ©Photographs | Writing

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calendar_today03-11-2022 11:18:52

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दिल, दरख़्त और दिल्ली। (@dildarakhtdilli) 's Twitter Profile Photo

बादल का कोई टुकड़ा कहीं से भी उभरता, और बिना निशान छोड़े कहीं भी गुम हो जाता। आँखों के सामने शाम की छोटी-सी दुनिया फैलकर कितनी दूर-दूर तक चली जाती थी।

बादल का कोई टुकड़ा कहीं से भी उभरता, और बिना निशान छोड़े कहीं भी गुम हो जाता। आँखों के सामने शाम की छोटी-सी दुनिया फैलकर कितनी दूर-दूर तक चली जाती थी।