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Khawer Ashraf

@ashrafkhawer

सुलझा हुआ शख़्स हूँ उलझे मिज़ाज का❣

ID: 837686679586623490

calendar_today03-03-2017 15:30:42

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Pasha Nadeem (@pashanadeem3) 's Twitter Profile Photo

एक ही फ्रेम में दो तरह के रिश्ते दिखाई दे रहे हैं😧 आपको कुछ समझ आया???

Muslim Rights Matters (@rightsformuslim) 's Twitter Profile Photo

ए मुसलमान जमाना आगे बढ़ता है तो बढ़ने दे तू 1400 साल पीछे चला जा ज़माना खुद तेरे पीछे आ जाएगा।

आयुर्वेदिक ज्ञान (@ayurvedicgyan_) 's Twitter Profile Photo

35 Age पार कर चुके हो तो,सभी बीमारियों से बचने के लिए ये उपाय जरुर करे...

Khawer Ashraf (@ashrafkhawer) 's Twitter Profile Photo

ہو نہ یہ پھُول تو بُلبل کا ترنُّم بھی نہ ہو چَمنِ دہر میں کلیوں کا تبسّم بھی نہ ہو یہ نہ ساقی ہو تو پھرمے بھی نہ ہو، خُم بھی نہ ہو بزمِ توحید بھی دنیا میں نہ ہو، تم بھی نہ ہو خیمہ افلاک کا اِستادہ اسی نام سے ہے نبضِ ہستی تپش آمادہ اسی نام سے ہے #ilovemuhammadﷺ

Minal Sultan (@shy_anny_) 's Twitter Profile Photo

दिल में इक लहर सी उठी है अभी कोई ताज़ा हवा चली है अभी कुछ तो नाज़ुक मिज़ाज हैं हम भी और ये चोट भी नई है अभी शोर बरपा है ख़ाना-ए-दिल में कोई दीवार सी गिरी है अभी भरी दुनिया में जी नहीं लगता जाने किस चीज़ की कमी है अभी

रद्दी शायरी (@raddipoet) 's Twitter Profile Photo

तुम्हारे साथ तो रूह का मामला है, हुस्न तो मैं हर मोड़ पर छोड़ आया हूँ..!!🌸

तुम्हारे साथ तो रूह का मामला है,
हुस्न तो मैं हर मोड़ पर छोड़ आया हूँ..!!🌸
आधुनिक ~ अल्फाज़ (@shiv__balak) 's Twitter Profile Photo

कितना मुश्किल है,इस दुनिया मे, खुद के जैसा एक शख्स तलाशना।

सनकी 🦋 (@poetry_in_) 's Twitter Profile Photo

ज़िन्दगी में एक ऐसे इंसान का होना बहुत ज़रूरी है, जो आपकी फिक्र करता हो...

Sahitya Tak (@sahitya_tak) 's Twitter Profile Photo

तुम जुगनू हो, चाँद हो। बाग़-ए-ज़ीस्त की, गुलनाज़ हो।। तुम याद हो, फरियाद हो। चश्म-ए-दीदार की, आस हो।। तुम खूबसूरत, ख्वाब हो। इश्क-ए-महताब की, किताब हो।। तुम ख़ास हो, एहसास हो। दिल-ए-रघु की, विश्वास हो।। तुम रानी, परियों की। हुस्न-ए-महताब की, मुरत हो।। तुम तितली हो, नाजनीन

Sahitya Tak (@sahitya_tak) 's Twitter Profile Photo

आखिर कितना खूबसूरत हो सकता है कोई? वसंत जितना? या सितारों से भरे आसमां जितना? या फिर मोर के पंख जितना? या तालाब में खिले कमल, या गुलाबी बोगनवेलिया सा? अधिक से अधिक किसी शायर की कल्पना में गुलाब हुआ जा सकता है या फिर किसी कवि की कविता. आश्चर्य! खूबसूरती की उत्कृष्टता के प्राकट्य