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journalist Amarish Manish Shukla

@amanishshukla

रिपोर्टर #दैनिक_जागरण #प्रयागराज.....🖋️
पत्रकारिता मेरा पैशन है, समझौते की गुंजाइश यहीं से खत्म है। दलाल बेईमान भ्रष्ट उचित दूरी बनाएं रखें। जय सिया राम 🚩🇮🇳

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1/ #पूजिअ_बिप्र_सील_गुन_हीना। सूद्र न गुन गन ग्यान प्रबीना॥ क्या आपने सोचा है कि जिस रामचरितमानस ने पूर्वजों को संबल दिया, उसी की चौपाइयों को आज हमारे विरुद्ध हथियार क्यों बनाया जा रहा है? आज उस नैरेटिव की धज्जियां उड़ाएंगे। 🚩 #Ramcharitmanas #PrayagFiles #SanatanDharma

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#पूजिअ_बिप्र_सील_गुन_हीना। सूद्र न गुन गन ग्यान प्रबीना॥
क्या आपने सोचा है कि जिस रामचरितमानस ने पूर्वजों को संबल दिया, उसी की चौपाइयों को आज हमारे विरुद्ध हथियार क्यों बनाया जा रहा है? आज उस नैरेटिव की धज्जियां उड़ाएंगे। 🚩
#Ramcharitmanas #PrayagFiles #SanatanDharma
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2/ हमें चौपाई का अर्थ यह रटाया गया: "चरित्रहीन ब्राह्मण पूजनीय है, पर ज्ञानी शूद्र नीच है।" बड़े मंचों से इसी गलत अर्थ को बोलकर भ्रम फैलाया जाता है। आज इस 'जोड़-तोड़' का सच सामने आएगा। #TruthOfSanatan #ShriRam #VedicWisdom

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हमें चौपाई का अर्थ यह रटाया गया: "चरित्रहीन ब्राह्मण पूजनीय है, पर ज्ञानी शूद्र नीच है।" बड़े मंचों से इसी गलत अर्थ को बोलकर भ्रम फैलाया जाता है। आज इस 'जोड़-तोड़' का सच सामने आएगा।
#TruthOfSanatan #ShriRam #VedicWisdom
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3/ यह चौपाई अरण्यकाण्ड की है। संदर्भ समझिए: भगवान श्री राम ने 'कबंध' राक्षस का उद्धार किया। कबंध एक गंधर्व था, जो अहंकार में ऋषियों का अपमान करने के कारण राक्षस बना था। यह सीख एक अहंकारी राक्षस को दी गई थी, किसी जाति को नहीं। #Ramayan #TulsiDas #MythologyFact

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यह चौपाई अरण्यकाण्ड की है। संदर्भ समझिए: भगवान श्री राम ने 'कबंध' राक्षस का उद्धार किया। कबंध एक गंधर्व था, जो अहंकार में ऋषियों का अपमान करने के कारण राक्षस बना था। यह सीख एक अहंकारी राक्षस को दी गई थी, किसी जाति को नहीं।
#Ramayan #TulsiDas #MythologyFact
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4/ शब्द-विच्छेद: 'पूजिअ' (Pujia) भ्रम: आरती उतारना या पैर धोना। वास्तविक अर्थ: संस्कृत/अवधि में 'पूज्य' का अर्थ है— सम्मान के योग्य या 'स्वीकार्य' (Authoritative)। मार्गदर्शन के लिए उस व्यक्ति की बात को प्राथमिकता देना। #SanatanSanskriti #Etymology

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शब्द-विच्छेद: 'पूजिअ' (Pujia)
भ्रम: आरती उतारना या पैर धोना।
वास्तविक अर्थ: संस्कृत/अवधि में 'पूज्य' का अर्थ है— सम्मान के योग्य या 'स्वीकार्य' (Authoritative)। मार्गदर्शन के लिए उस व्यक्ति की बात को प्राथमिकता देना।
#SanatanSanskriti #Etymology
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5/ शब्द-विच्छेद: 'बिप्र' (Bipra) भ्रम: ब्राह्मण जाति में पैदा हुआ व्यक्ति। वास्तविक अर्थ: 'वि' (विशेष) + 'प्र' (प्राप्ति)। जिसने ब्रह्मविद्या प्राप्त कर ली हो। "वेद पाठात् भवेत् विप्रः..." विप्र एक 'डिग्री' है, जाति नहीं। #Dharma #AncientKnowledge #Faith

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शब्द-विच्छेद: 'बिप्र' (Bipra)
भ्रम: ब्राह्मण जाति में पैदा हुआ व्यक्ति।
वास्तविक अर्थ: 'वि' (विशेष) + 'प्र' (प्राप्ति)। जिसने ब्रह्मविद्या प्राप्त कर ली हो। "वेद पाठात् भवेत् विप्रः..." विप्र एक 'डिग्री' है, जाति नहीं।
#Dharma #AncientKnowledge #Faith
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6/ शब्द-विच्छेद: 'सील गुन हीना' भ्रम: चरित्रहीन या बुरे आचरण वाला। वास्तविक अर्थ: यहाँ 'सील-गुण' का अर्थ सांसारिक उपलब्धियाँ (Social Etiquette, धन, ऐश्वर्य) है। यदि कोई ज्ञानी साधनहीन है, फिर भी वह अपनी विद्या के कारण सम्मान का पात्र है। #GyanVsInformation #SpiritualWisdom

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शब्द-विच्छेद: 'सील गुन हीना'
भ्रम: चरित्रहीन या बुरे आचरण वाला।
वास्तविक अर्थ: यहाँ 'सील-गुण' का अर्थ सांसारिक उपलब्धियाँ (Social Etiquette, धन, ऐश्वर्य) है। यदि कोई ज्ञानी साधनहीन है, फिर भी वह अपनी विद्या के कारण सम्मान का पात्र है।
#GyanVsInformation #SpiritualWisdom
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7/ शब्द-विच्छेद: 'सूद्र' (Sudra) भ्रम: दलित या पिछड़ी जाति। वास्तविक अर्थ: "शोचति इति शूद्रः"— जो हमेशा शोक और संसारी प्रपंचों में फँसा रहे। जो केवल अपनी 'इंद्रियों' और शारीरिक सुखों के अधीन है, वह मानसिक अवस्था 'शूद्र' है। #LogicalSanatan #ReclaimingNarrative

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शब्द-विच्छेद: 'सूद्र' (Sudra)
भ्रम: दलित या पिछड़ी जाति।
वास्तविक अर्थ: "शोचति इति शूद्रः"— जो हमेशा शोक और संसारी प्रपंचों में फँसा रहे। जो केवल अपनी 'इंद्रियों' और शारीरिक सुखों के अधीन है, वह मानसिक अवस्था 'शूद्र' है।
#LogicalSanatan #ReclaimingNarrative
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8/ शब्द-विच्छेद: 'गुन गन ग्यान प्रबीना' भ्रम: बहुत विद्वान। वास्तविक अर्थ: यहाँ 'ज्ञान' का अर्थ 'Information' (सूचना) है। यदि कोई सांसारिक जानकारियों में प्रवीण है, पर उसकी चेतना असंस्कारित है, तो वह 'निर्णायक' (Decision Maker) नहीं हो सकता। #IndianHeritage #TruthBehindVerses

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शब्द-विच्छेद: 'गुन गन ग्यान प्रबीना'
भ्रम: बहुत विद्वान।
वास्तविक अर्थ: यहाँ 'ज्ञान' का अर्थ 'Information' (सूचना) है। यदि कोई सांसारिक जानकारियों में प्रवीण है, पर उसकी चेतना असंस्कारित है, तो वह 'निर्णायक' (Decision Maker) नहीं हो सकता।
#IndianHeritage #TruthBehindVerses
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10/ "सूद्र न गुन गन ग्यान प्रबीना" का अर्थ जाति से है ही नहीं। इसे 'योग' की दृष्टि से देखिए। अगर केवल इंद्रियों तक सीमित व्यक्ति 'Information-rich' हो जाए, तो वह 'असुर' बन जाता है। रावण इसका प्रमाण है। #Dharma #SpiritualAwakening #PrayagFiles

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"सूद्र न गुन गन ग्यान प्रबीना" का अर्थ जाति से है ही नहीं। इसे 'योग' की दृष्टि से देखिए। अगर केवल इंद्रियों तक सीमित व्यक्ति 'Information-rich' हो जाए, तो वह 'असुर' बन जाता है। रावण इसका प्रमाण है।
#Dharma #SpiritualAwakening #PrayagFiles
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11/ ज्ञान तब तक पूजनीय नहीं होता जब तक वह 'विनय' और 'परंपरा' से न बंधा हो। बिना संस्कार का ज्ञान समाज के लिए 'एटम बम' की तरह है। रावण वेदों का ज्ञाता था, पर पूजनीय नहीं हुआ क्योंकि उसकी चेतना तामसिक थी। #Wisdom #SanatanDharma #ShriRam

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ज्ञान तब तक पूजनीय नहीं होता जब तक वह 'विनय' और 'परंपरा' से न बंधा हो। बिना संस्कार का ज्ञान समाज के लिए 'एटम बम' की तरह है। रावण वेदों का ज्ञाता था, पर पूजनीय नहीं हुआ क्योंकि उसकी चेतना तामसिक थी।
#Wisdom #SanatanDharma #ShriRam
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12/ व्याकरण की दृष्टि: यहाँ 'सील-गुण' का अर्थ 'सांसारिक चकाचौंध' (Glamour) है। यदि एक विद्वान गरीब है, उसे दुनियादारी नहीं आती (साधनहीन), लेकिन वह तप में पक्का है, तो वह उस व्यक्ति से श्रेष्ठ है जिसके पास सिर्फ डिग्रियां हैं। #TruthOfSanatan #VedicWisdom #TulsiDas

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व्याकरण की दृष्टि: यहाँ 'सील-गुण' का अर्थ 'सांसारिक चकाचौंध' (Glamour) है। यदि एक विद्वान गरीब है, उसे दुनियादारी नहीं आती (साधनहीन), लेकिन वह तप में पक्का है, तो वह उस व्यक्ति से श्रेष्ठ है जिसके पास सिर्फ डिग्रियां हैं।
#TruthOfSanatan #VedicWisdom #TulsiDas
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13/ यह चौपाई 'Information' के ऊपर 'Wisdom' (बोध) को रखने का सूत्र है। यह कहती है कि नेतृत्व उसे मत दो जो केवल 'स्मार्ट' है, नेतृत्व उसे दो जो 'संस्कारित' है। जाति का चश्मा उतारोगे, तभी धर्म का चक्षु खुलेगा। #CulturalIdentity #Dharma #Ramcharitmanas

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यह चौपाई 'Information' के ऊपर 'Wisdom' (बोध) को रखने का सूत्र है। यह कहती है कि नेतृत्व उसे मत दो जो केवल 'स्मार्ट' है, नेतृत्व उसे दो जो 'संस्कारित' है। जाति का चश्मा उतारोगे, तभी धर्म का चक्षु खुलेगा।
#CulturalIdentity #Dharma #Ramcharitmanas
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14/ अगर राम जी केवल जाति की बात कर रहे होते, तो रावण (ब्राह्मण) की पूजा करते और केवट को गले न लगाते। यह चौपाई 'अहंकार के विरुद्ध चेतावनी' है, किसी जाति के विरुद्ध नहीं। #ShriRam #Equality #SanatanSanskriti

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अगर राम जी केवल जाति की बात कर रहे होते, तो रावण (ब्राह्मण) की पूजा करते और केवट को गले न लगाते। यह चौपाई 'अहंकार के विरुद्ध चेतावनी' है, किसी जाति के विरुद्ध नहीं।
#ShriRam #Equality #SanatanSanskriti
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15/ वामपंथी नैरेटिव से पूछिए: इसी रामचरितमानस में जब कागभुशुण्डि जी (जो जन्म से ब्राह्मण नहीं थे) उपदेश देते हैं, तो ऋषि उनके चरणों में क्यों बैठते हैं? अगर तुलसीदास जातिवादी होते, तो ऐसा कभी न लिखते। #LogicalSanatan #FactCheck #PrayagFiles

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वामपंथी नैरेटिव से पूछिए: इसी रामचरितमानस में जब कागभुशुण्डि जी (जो जन्म से ब्राह्मण नहीं थे) उपदेश देते हैं, तो ऋषि उनके चरणों में क्यों बैठते हैं? अगर तुलसीदास जातिवादी होते, तो ऐसा कभी न लिखते।
#LogicalSanatan #FactCheck #PrayagFiles
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क्या आप भी रेलवे स्टेशन पर कचरा फेंकते समय पुरानी आदतें अपना रहे हैं? सावधान हो जाइए! ⚠️ ​रेलवे ने 'सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट रूल्स, 2026' लागू कर दिए हैं। अब कचरा चार श्रेणियों में अलग करना होगा। ​#IndianRailways #SwachhBharat #PrayagrajJunction #SolidWasteManagement #RailwayNews

क्या आप भी रेलवे स्टेशन पर कचरा फेंकते समय पुरानी आदतें अपना रहे हैं? सावधान हो जाइए! ⚠️
​रेलवे ने 'सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट रूल्स, 2026' लागू कर दिए हैं। अब कचरा चार श्रेणियों में अलग करना होगा।
​#IndianRailways #SwachhBharat #PrayagrajJunction #SolidWasteManagement #RailwayNews
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गंगा एक्सप्रेसवे पर प्रयागराज से मेरठ के लिए हर घंटे बस मिलेगी इसके लिए तैयारी शुरू कर दी गई है। UPSRTC

गंगा एक्सप्रेसवे पर प्रयागराज से मेरठ के लिए हर घंटे बस मिलेगी इसके लिए तैयारी शुरू कर दी गई है। 
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