A K Tarwan
@aktarwan
M Com, MBA (Finance)
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http://mayocollege.com 21-08-2013 11:20:54
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आत्मज्ञान के प्रकाश में अंधे कर्म सब त्याग दो निराश हो निर्मम बनो तापरहित बस युद्ध हो। (3.30) ~ आचार्य प्रशांत Acharya Prashant PrashantAdvait Foundation Join live sessions acharyaprashant.org/en/enquiry-gita
Jaiky Yadav सनातन का जिगरा है #आचार्यप्रशांत 🚩🏹 बाकी सब तथाकथित धर्म गुरु तो नासूर बन बैठे हैं संपूर्ण विश्व को सनातनमय करने का इनका अभीष्ट संकल्प वैज्ञानिक और वैचारिक क्रांति से उत्प्रोत है। 🚩🏹🙏❤ हार्दिक सराहनीय व्यक्ति हैं #आचार्यप्रशांत भारत का हीरा हैं #आचार्यप्रशांत 🌷🌷❤❤
हमारे cute विरोधी मीनाक्षी जी(Meenakshi Joshi) से शिकायत कर रहे हैं कि आचार्य प्रशांत जी(Acharya Prashant) को क्यों बुलाया? इन्हें कौन बताए, सिर्फ 15 मिनट सुनना ही काफ़ी होता है, और आप उनके मुरीद हो जाओगे ! मीनाक्षी जी ने तो पूरे 45 मिनट बात की :-)
डॉ रमाकान्त राय कोई मुझे समझा दो ये इन सबकी भाषा एक जैसी क्यों है? ये बस एक हो रिप्लाई copy paste क्यों कर रहे हैं? ये कैसा भद्दा खेल खेल रहे हैं? इन्हें कुछ समझ नहीं आ रहा ये कितने मूर्ख हैं। इनकी धज्जियां उड़ जाएगी ये कैसे पागल लोग हैं। जिन्हें खुद से एक रिप्लाई लिखना तक नहीं आता वो लोग
Raghav Aggiwal डॉ रमाकान्त राय पकड़े गए 😵💫😵💫😵💫 डॉ रमाकान्त राय सब पैसे का खेल है बाबू भैया
Raghav Aggiwal डॉ रमाकान्त राय ये जितनी भी 🆔 दिख रहे है ये एक ही इंसान चला रहा है, और 2 घंटा, 120मिनिट के कोई सेशन नहीं हुए है, ये ऐसा ही चिल्गोजी हरकत करता है, इसके लिए इसके आका दिहाड़ी मजदूरी देता है, और likes और repost यही तीन चार 🆔 से है। इससे बात हज़म ही नहीं हो रही कि बेहतर ज़िंदगी जिया जा सकता था।
Raghav Aggiwal डॉ रमाकान्त राय अरे, इन नल्ले गीदड़ों के पास भाषा ही नहीं है। इसीलिए फिर जब आचार्य जी को सुनने वाले सनातनी वीर योद्धा इनकी बैंड बजाते हैं तो ये अपना रं*डी रोना शुरू कर देते हैं कि देखो गाली दे रहे हैं। आफ़त ये है कि इन गीदड़ और श्वानों के झुंड को सभ्य सुसंस्कृत चासनी में डूबोई भाषा समझ में
Raghav Aggiwal डॉ रमाकान्त राय ये फर्जी परफेसर एक फ्रॉड गैंग चलाता है। इसमें सब टोपीबाज हैं जो क्रिकेट को पूजते हैं और महिलाओं पर अश्लील कमेंट करते हैं। इनकी रोजी रोटी X से ही चलती है। एकदम निठल्ले नल्ले हैं सब! बस कुछ श्लोक बांचकर, जय हनुमान लिखकर ये धार्मिक बन जाते हैं और आचार्य प्रशांत को गाली देते हैं।