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Anuj Lugun

@thelugunanuj

हम गीत गाते हुए लड़ सकते हैं
और लड़ते हुए गीत गा सकते हैं।

किताब- 1. बाघ और सुगना मुंडा की बेटी
2. पत्थलगड़ी

ID: 1358644383747166209

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आदिवासी ही हैं, जो प्रकृति से अपने अटूट संबंध को समझते हैं और उसे बचाने के लिए अपना जीवन समर्पित करते हैं। उनकी संस्कृति और संघर्ष दुनियां को पर्यावरण संरक्षण का असली अर्थ सिखाते हैं। #SaveHasdeo 🌿🌳☘️

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जिन लोगों ने झारखण्ड अलग राज्य गठन का प्रबल विरोध किया। वही आज झारखंडी जनता के हितैषी बन रहे हैं। बाद के दिनों में जनता के दबाव में वे झारखंड के बजाय 'वनांचल' की माँग करने लगे थे। झारखंडी जनता का हित प्राथमिक है। स्थानीयता का मुद्दा आज भी सबसे पहले है। #झारखण्ड_चुनाव

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'एक पेड़ माँ के नाम' की सरकारी योजना फर्जी है। जबकि हसदेव जंगल और उसके वासियों को उजाड़ दिया गया है एक पूंजीपति के लिए। हसदेव जंगल बचाने वालों पर दमन की कार्रवाई निंदनीय है। एक तरफ है हरियाली, एक तरफ है पूँजी की झोली एक तरफ है माटी बोली, एक तरफ है लाठी गोली #हसदेव_जंगल_बचाओ

'एक पेड़ माँ के नाम' की सरकारी योजना फर्जी है। जबकि हसदेव जंगल और उसके वासियों को उजाड़ दिया गया है एक पूंजीपति के लिए।
हसदेव जंगल बचाने वालों पर दमन की कार्रवाई निंदनीय है।

एक तरफ है हरियाली, एक तरफ है पूँजी की झोली
एक तरफ है माटी बोली, एक तरफ है लाठी गोली
#हसदेव_जंगल_बचाओ
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कांग्रेस ने झारखण्ड चुनाव के लिए उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी है। इस सूची में मेरी समझ में कई गड़बड़ियाँ हैं जिसका नुकसान गठबंधन को उठाना पड़ सकता है। क्षेत्र में स्थानीय असन्तोष को देखते हुए पुरानों की जगह फ्रेश चेहरों को जगह देकर मुकाबला मजबूत किया जा सकता था।

कांग्रेस ने झारखण्ड चुनाव के लिए उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी है। इस सूची में मेरी समझ में कई गड़बड़ियाँ हैं जिसका नुकसान गठबंधन को उठाना पड़ सकता है। क्षेत्र में  स्थानीय असन्तोष को देखते हुए पुरानों की जगह फ्रेश चेहरों को जगह देकर मुकाबला मजबूत किया जा सकता था।
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जो राजा प्रजा की भलाई नहीं कर सकता उसे शासन में बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं।

जो राजा प्रजा की भलाई नहीं कर सकता उसे शासन में बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं।
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सुकून यहाँ हैं। पत्ते पर पुड़िया कर बनाया हुआ खाना।छद्म इको-सिस्टम के नगरीय जीवन शैली से दूर । जंगल यहाँ के जीवन में अभिन्न रूप से जुड़ा हुआ है। झारखण्ड के इस चुनावी समर में क्या इस जीवन शैली के लिए भी कोई कमिटमेंट है राजनीतिक दलों के पास ?या, फिर से जंगलों की सौदेबाजी होनी है?

सुकून यहाँ हैं। पत्ते पर पुड़िया कर बनाया हुआ खाना।छद्म इको-सिस्टम के नगरीय जीवन शैली से दूर ।
जंगल यहाँ के जीवन में अभिन्न रूप से जुड़ा हुआ है।
झारखण्ड के इस चुनावी समर में क्या इस जीवन शैली के लिए भी कोई कमिटमेंट है राजनीतिक दलों के पास ?या, फिर से जंगलों की सौदेबाजी होनी है?
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झारखंडी अस्मिता सांप्रदायिक एजेंडे का सशक्त काट बनी।

झारखंडी अस्मिता सांप्रदायिक एजेंडे का सशक्त काट बनी।
द वायर हिंदी (@thewirehindi) 's Twitter Profile Photo

#Replug | 'यह साल चुनावों का साल रहा, लेकिन चुनावी रैलियों से मणिपुर की हिंसा गायब रही. बस्तर में मुठभेड़ होते रहे लेकिन दिल्ली बैठी आवाज़ें ख़ामोश रहीं. अन्य देश भी इस साल युद्ध के दलदल में फंसे रहे.' पढ़िए Anuj Lugun को. thewirehindi.com/292726/manipur…

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सरकार द्वारा खूंखार कहे जाने वाले लाखों के ईनामी माओवादियों के बीच जाकर रिपोर्टिंग की लेकिन कोई खरोंच तक नहीं आई। माओवादी-फोर्स के मुठभेड़ों की खबरें की लेकिन एक गोली नहीं लगी। लेकिन भ्रष्टाचार की पोल खोली तो निर्ममता से हत्या कर दी गयी।यह है सिस्टम ! बहुत प्यारा साथी था मुकेश !

सरकार द्वारा खूंखार कहे जाने वाले लाखों के ईनामी माओवादियों के बीच जाकर रिपोर्टिंग की लेकिन कोई खरोंच तक नहीं आई।
माओवादी-फोर्स के मुठभेड़ों की खबरें की लेकिन एक गोली नहीं लगी।
लेकिन भ्रष्टाचार की पोल खोली तो निर्ममता से हत्या कर दी गयी।यह है सिस्टम !
बहुत प्यारा साथी था मुकेश !
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क्रिकुआ अपाचे समुदाय के Gerenimo 19वीं सदी में अमेरिका में आखिरी बचे आदिवासी क्रांतिकारी थे जिन्होंने गोरों के खिलाफ जमीन बचाने की लड़ाई लड़ी। आदिवासियों के इस समुदाय के नाम पर TVS कंपनी की एक बाइक है - Apache सभ्यों ने आदिवासी समुदायों की अस्मिता से इसी तरह छेड़छाड़ की है।

क्रिकुआ अपाचे समुदाय के Gerenimo 19वीं सदी में अमेरिका में आखिरी बचे आदिवासी क्रांतिकारी थे जिन्होंने गोरों के खिलाफ  जमीन बचाने की लड़ाई लड़ी।

आदिवासियों के इस समुदाय के नाम पर TVS कंपनी की एक बाइक है -  Apache 

 सभ्यों ने आदिवासी समुदायों की अस्मिता से इसी तरह छेड़छाड़ की है।
Bastar Talkies (@bastartalkies) 's Twitter Profile Photo

इसी सड़क की रिपोर्टिंग की वजह से ठेकेदारों ने साथी पत्रकार Mukesh Chandrakar की निर्ममता से हत्या कर दी। इस सड़क को देखकर बताइए क्या गलत किया मुकेश ने इस भ्रष्टाचार को उजागर करके। :Vikas Tiwari (Ranu Tiwari)

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21वीं सदी अल्पवयस्क अवस्था में ही शर्म से झेंपी सदी बन रही है. अब क्या करे कोई कवि? बेशर्म होकर झंडा फहराए #संविधान की धज्जियां उड़ाने वालों का? या कसीदे लिखे बच्चों के हत्यारों के लिए?' #रचनाकारकासमय' में पढ़िए Anuj Lugun को. #Literature #Society thewirehindi.com/293694/rachnak…

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जो डलहौज़ी न कर पाया वो ये हुक्काम कर देंगे कमीशन दो तो हिंदुस्तान को नीलाम कर देंगे । - (अदम गोंडवी) आम आदमी की कमर टूटी हुई है भ्रष्टाचार के बोझ से।

जो डलहौज़ी न कर पाया वो ये हुक्काम कर देंगे
कमीशन दो तो हिंदुस्तान को नीलाम कर देंगे ।
                                                     - (अदम गोंडवी)
आम आदमी की कमर टूटी हुई है भ्रष्टाचार के बोझ से।
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कुछ नहीं सोचने और कुछ नहीं बोलने पर आदमी मर जाता है।

कुछ नहीं सोचने
और कुछ नहीं बोलने पर
आदमी मर जाता है।
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हसदेव जंगल के बाद झारखण्ड के बड़कागाँव में गोंदलपुरा कोयला खनन परियोजना अडानी के हाथ में। 1200 एकड़ जमीन । 550 एकड़ कृषि भूमि और 550 एकड़ वनभूमि जाएगी। पाँच गांव के 780 परिवार होंगे विस्थापित। स्थानीय समुदायों का प्रतिरोध जारी है। लेकिन खबर कहीं नहीं है।

हसदेव जंगल के बाद झारखण्ड के बड़कागाँव में गोंदलपुरा कोयला खनन परियोजना अडानी के हाथ में।
1200 एकड़ जमीन । 550 एकड़ कृषि भूमि और 550 एकड़ वनभूमि जाएगी।
पाँच गांव के 780 परिवार होंगे विस्थापित।

स्थानीय समुदायों का प्रतिरोध जारी है। लेकिन खबर कहीं नहीं है।
Down To Earth Hindi (@hindidown2earth) 's Twitter Profile Photo

पैदल चलते मजदूरों के लिए समर्पित कविता का शीर्षक “पचपन बरस की मजदूरी” में अनुज लगून गांवों से हो रहे पलायन और दर्द को यूं बयां करते हैं- “गांव खाली हो चुका है, किसान नहीं हैं गांव में वे मजदूर हो गए हैं शहर में और जो नहीं गए वे या तो बीमार हैं या समझदार हैं कुछ ने दलाल बनना पसंद

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गोंडवाना की धरती के प्यारे बच्चे। सदियों पुरानी लय को संजोय हुए।

Jaiky Yadav (@jaikyyadav16) 's Twitter Profile Photo

इस पहली तस्वीर में दिखाई दे रहे व्यक्ति का नाम आदिल है, यह व्यक्ति कश्मीर में ही कैब चालता है, जब पहलगाम में यह हमला हुआ तो आदिल ने महाराष्ट्र की एक फैमिली को बचाकर अपने घर लेकर गया, वहाँ आदिल ने उन्हें खाना खिलाया और पूरी सुरक्षा दी, आदिल में इस मामले में कहा कि "गलती एक ने

इस पहली तस्वीर में दिखाई दे रहे व्यक्ति का नाम आदिल है, यह व्यक्ति कश्मीर में ही कैब चालता है, 

जब पहलगाम में यह हमला हुआ तो आदिल ने महाराष्ट्र की एक फैमिली को बचाकर अपने घर लेकर गया,

वहाँ आदिल ने उन्हें खाना खिलाया और पूरी सुरक्षा दी, आदिल में इस मामले में कहा कि

"गलती एक ने