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Rohit Kumar Raj

@rohit1996july

साहित्य प्रेमी हूं।

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calendar_today06-04-2018 04:26:47

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हिंदी सोपान (@hindisopan) 's Twitter Profile Photo

एक बरस में एक बार ही जगती होली की ज्वाला‚ एक बार ही लगती बाजी जलती दीपों की माला‚ दुनियावालो किंतु किसी दिन आ मदिरालय में देखो‚ दिन को होली‚ रात दिवाली‚ रोज मनाती मधुशाला! – हरिवंश राय बच्चन (मधुशाला)

Diksha🌸 (@_dikshakumari_) 's Twitter Profile Photo

मैं सभी ओर से खुला हूँ वन-सा, वन-सा अपने में बन्द हूँ शब्द में मेरी समाई नहीं होगी मैं सन्नाटे का छन्द हूँ। -अज्ञेय //जन्मदिन//

मैं सभी ओर से खुला हूँ
वन-सा, वन-सा अपने में बन्द हूँ
शब्द में मेरी समाई नहीं होगी
मैं सन्नाटे का छन्द हूँ।
-अज्ञेय 
//जन्मदिन//
हिंदी सोपान (@hindisopan) 's Twitter Profile Photo

प्रीत पुरानी ना होत है, जो उत्तम से लाग सौ बरसा जल में रहे, पाथर ना छोरे आग। ~ कबीरदास

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सुन रही हो इन फूलों की पुकार? ये कहते हैं - तुम आओगी तो वसंत आएगा। ~ रोहित

सुन रही हो 
इन फूलों की पुकार?
ये कहते हैं - 
तुम आओगी
तो वसंत आएगा।
~ रोहित
Hindi Kavita (@hindi_kavitaa) 's Twitter Profile Photo

मैं क्यों करूँ घृणा और रक्तपात का समर्थन, मुझे प्यार व ममता से भरी एक माँ ने पाला है। गीत चतुर्वेदी

🍂آنو بريا (@synonymoflife_) 's Twitter Profile Photo

वही हाँ, वही जो सभी प्राणियों को पिला प्रेम-आसव जिलाए हुए हूँ, हवा हूँ, हवा, मैं बसंती हवा हूँ। क़सम रूप की है, क़सम प्रेम की है, क़सम इस हृदय की, सुनो बात मेरी— अनोखी हवा हूँ, बड़ी बावली हूँ! • /केदारनाथ अग्रवाल🌸

वही हाँ, वही जो सभी प्राणियों को
पिला प्रेम-आसव जिलाए हुए हूँ,
हवा हूँ, हवा, मैं बसंती हवा हूँ।

क़सम रूप की है, क़सम प्रेम की है,
क़सम इस हृदय की, सुनो बात मेरी—
अनोखी हवा हूँ, बड़ी बावली हूँ!
•
/केदारनाथ अग्रवाल🌸
Rajkamal Prakashan 📚 (@rajkamalbooks) 's Twitter Profile Photo

ममता कालिया को ‘जीते जी इलाहाबाद’ किताब के लिए साहित्य अकादेमी पुरस्कार 2025 मिलने की हार्दिक बधाई! #MamtaKalia #साथजुड़ेंसाथपढ़ें

ममता कालिया को ‘जीते जी इलाहाबाद’ किताब के लिए साहित्य अकादेमी पुरस्कार 2025 मिलने की हार्दिक बधाई!

#MamtaKalia #साथजुड़ेंसाथपढ़ें
शब्दसार (@shabdsar) 's Twitter Profile Photo

शून्यों से घिरी हुई पीड़ा ही सत्य है शेष सब अवास्तव अयथार्थ मिथ्या है भ्रम है सत्य केवल एक जो कि दुःखों का क्रम है। मुक्तिबोध

सुरेश पंत sureshpant (@drsureshpant) 's Twitter Profile Photo

जितनी पुस्तकें आपके पास हैं, आवश्यक नहीं कि सब आपने पढ़ी हों। घर में रखी दवाई पेटी में बहुत सी दवाएँ होती हैं, लेकिन हम उसे ही चुनते हैं जिसकी हमें किसी विशेष अवसर पर आवश्यकता होती है। बाकी रखी रहती हैं, जाने कब किसकी आवश्यकता पड़ जाए। हम नई किताबें खरीदकर अपने संग्रह को भी

जितनी पुस्तकें आपके पास हैं, आवश्यक नहीं कि सब आपने पढ़ी हों। घर में रखी दवाई पेटी में बहुत सी दवाएँ होती हैं, लेकिन हम उसे ही चुनते हैं जिसकी हमें किसी विशेष अवसर पर आवश्यकता होती है। बाकी रखी रहती हैं, जाने कब किसकी आवश्यकता पड़ जाए। हम नई किताबें खरीदकर अपने संग्रह को भी
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बर्बादियों का शोक मनाना फिजुल था बरबादियों का जश्न मनाता चला गया - साहिर 💖

शब्दसार (@shabdsar) 's Twitter Profile Photo

'कस्तूरी कुंडलि बसै, मृग ढूँढ़ै बन माँहि। ऐसे घटि घटि राम हैं, दुनिया देखै नाँहि।।' ~ कबीर

हिंदी सोपान (@hindisopan) 's Twitter Profile Photo

अति का भला न बोलना, अति की भली न चूप, अति का भला न बरसना, अति की भली न धूप। ~ कबीरदास

Padma Singh,HR Professional (पौत्री-दिनकर) (@padmasingh18) 's Twitter Profile Photo

बच्चन जी ने कहा था "दिनकर जी की साहित्य साधना अपूर्व थी।कुछ समय पहले मुझे एक सज्जन ने पत्र लिखा कि दिनकर को ज्ञानपीठ पुरस्कार मिलना कितना उपयुक्त है?मैंने उत्तर में लिखा कि यदि चार ज्ञानपीठ पुरस्कार उन्हें मिलते,तो उनका सम्मान होता-गद्य,पद्य, भाषणों और हिन्दी प्रचार के लिए।”

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दृष्टि का जो पेय है वह रक्त का भोजन नहीं है रूप की आराधना का मार्ग आलिंगन नहीं है ~ दिनकर जी ( उर्वशी )