सारे ब्राह्मण बुरे नही होते, कुछ अच्छे भी होते है. कुछ पुरोगामी भी होते.
बौद्ध भिक्षु महाबोधि महाविहार के लिये अनशन पर बैठे है,बुद्धगयामे.एक भी पुरोगामी सामने नही आ रहा है.प्रतिक्रिया तक नही दे रहा. वाक़ई पुरोगामी हो या असलियत दिखा रहे हो ?
मैं बोधगया में ब्राह्मणवादी और मनुवादी द्वारा बौद्धों और बौद्ध भिक्षुओं पर किए गए हमलों की तस्वीरों और वीडियो से बहुत परेशान और चिंतित हूँ।
यह निश्चित है कि ये हमले हमें डराने की ब्राह्मणवादी और मनुवादी की चाल का हिस्सा हैं ताकि हम #महाबोधि_मुक्ति_आंदोलन की मांग को छोड़ दें।
लगभग100BCEसेBuddhist Sanskritमिलती है,जो प्राकृतका ग्रिक+पारसी भाषाका मिश्रण है.जिसे Buddhist Hybrid Sanskrit (BHS)के नामसे जाना जाता है.ग्रीक,कुशाणकालसे महायान बौद्धसाहित्य और शिलालेख BHSमे मिलते है,जिससे आजकी शास्त्रीय संस्कृत विकसित हूई.मतलब संस्कृतभी बौद्धधर्मकी देन है.