शेष वंचित सीनियर संविदा आयुर्वेद डॉक्टर्स एसोसिएशन
@dharmpal_ratho
आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारी का विज्ञापन जारी करवाना।
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15-03-2017 16:19:07
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जहां एलोपैथी में हर PHC स्तर पर सफाई कर्मचारी को 5000 से 7000 ₹ के बीच में दिए जा रहे हैं वही आयुर्वेदिक चिकित्सालय में ₹500 देकर यह तो आयुर्वेद के प्रति सौतेला व्यवहार दिखाया जा रहा है। सरकार दिनों दिन आयुर्वेद को पीछे धकेल रही है। Dr Prem Chand Bairwa
राजस्थान के हर विभाग में विज्ञप्ति आ रही है आयुर्वेद विभाग में आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारी 2025 की विज्ञप्ति जारी करें। सरकार आने के बाद में आयुर्वेद चिकित्सक का एक भी विज्ञापन जारी नहीं हुआ है। सरकार अपनी मंशा स्पष्ट करें। Bhajanlal Sharma Dr Prem Chand Bairwa CMO Rajasthan
आयुर्वेदिक दवाइयां इतनी महंगी हो गई है कि रोगी आसानी से नहीं ले पा रहा है। एक आसव अरिष्ट 200- 300 ₹ के बीच में है। एक गरीब आदमी तो आयुर्वेद चूर्ण भी अच्छे से नहीं ले पाएगा क्योंकि यह बहुत महंगा हो रहा है। हर कंपनी ने अपनी मनमानी तरीके से मूल्य रखा है। Dr Prem Chand Bairwa
सरकार ने नियम बना दिए। पर कुछ बाबू लोग अपनी ही चलाते है। वो समय पर लागू नहीं करते है।इससे सभी को नुकसान होता है। Gajendra Singh Khimsar CMO Rajasthan
काम न करने के बहाने चाहिए। राज्य सरकार अपने कर्मचारियों को प्रशासनिक पद पर भी लगा सकता है। राज्य सरकार को अब DPC करनी चाहिए। 2 साल हो गए एक भी DPC आयुर्वेद विभाग में राज्य सरकार ने नहीं की है। DPC करके आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारी का विज्ञापन निकाले। Dr Prem Chand Bairwa
संविदा आयुर्वेद अधिकारी की प्रतिदिन 935₹ वेतन है इससे ज्यादा तो कारीगर 1200 से ₹1500 प्रतिदिन ले जाता है। राज्य सरकार को इस विषय पर चिंतन और मनन करना चाहिए इतने कम वेतन में कैसे घर खर्च चलेगा। कम से कम मूल वेतन 56100₹ किया जाए। Dr Prem Chand Bairwa Gajendra Singh Khimsar