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Dharmendra Das

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#FactsAboutJesus ईसा मसीह की मृत्यु के तीसरे दिन स्वयं पूर्ण परमात्मा कबीर साहेब ही आये थे भक्ति की लाज रखने के लिए। अन्यथा काल ब्रह्म भगवान से विश्वास ही उठा देता लोगों का। Supreme God Kabir

#FactsAboutJesus
ईसा मसीह की मृत्यु के तीसरे दिन स्वयं पूर्ण परमात्मा कबीर साहेब ही आये थे भक्ति की लाज रखने के लिए। अन्यथा काल ब्रह्म भगवान से विश्वास ही उठा देता लोगों का। 
Supreme God Kabir
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#Facts_About_EasterSunday ईसा मसीह परमात्मा के पुत्र थे। पूर्ण परमात्मा कबीर साहेब ही सबके पिता हैं, उत्पत्ति कर्ता हैं। वही असली माता-पिता,भाई बंधु हैं। वह काल की तरह कभी धोखा नहीं देते। Supreme God Kabir

#Facts_About_EasterSunday
ईसा मसीह परमात्मा के पुत्र थे। पूर्ण परमात्मा कबीर साहेब ही सबके पिता हैं, उत्पत्ति कर्ता हैं। वही असली माता-पिता,भाई बंधु हैं। वह काल की तरह कभी धोखा नहीं देते। 
Supreme God Kabir
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पुस्तक ''फजाईले आमाल‘‘ से जानकारी कुरआन ज्ञान देने वाले से अन्य समर्थ अल्लाह के विषय में अन्य जानकारीः— फजाईले आमाल मुसलमानों की एक विश्वसनीय पवित्र पुस्तक है जो हदीसों में से चुनी हुई हदीसों का प्रमाण लेकर बनाई गई है।। उसकी आयत नं. 1, 2, 3, 6 तथा 7 में कबीर अल्लाह की महिमा है

पुस्तक ''फजाईले आमाल‘‘ से जानकारी
कुरआन ज्ञान देने वाले से अन्य समर्थ अल्लाह के विषय में अन्य जानकारीः—
फजाईले आमाल मुसलमानों की एक विश्वसनीय पवित्र पुस्तक है जो हदीसों में से चुनी हुई हदीसों का प्रमाण लेकर बनाई गई है।। उसकी आयत नं. 1, 2, 3, 6 तथा 7 में कबीर अल्लाह की महिमा है
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#GodMorningMondayपरमेश्वर कबीर साहेब जी कहते हैं कि गुरुजी की शरण प्राप्त करो, जिससे नरक में नहीं जाओगे। गुरु बनाकर भक्ति करने से मोक्ष मिलता है। गुरुजी की कृपा से यम द्वारा लगाए गए कर्मों के बन्धन कट जाते हैं, अविलम्ब परमात्मा मिल जाता है। #GodMorningMonday

#GodMorningMondayपरमेश्वर कबीर साहेब जी कहते हैं कि गुरुजी की शरण प्राप्त करो, जिससे नरक में नहीं जाओगे। गुरु बनाकर भक्ति करने से मोक्ष मिलता है। गुरुजी की कृपा से यम द्वारा लगाए गए कर्मों के बन्धन कट जाते हैं, अविलम्ब परमात्मा मिल जाता है।
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🧩 राधास्वामी पंथ के प्रवर्तक शिव दयाल जी का कोई गुरु नहीं था। शिवदयाल जी पांच नाम "ररंकार, ओंकार, ज्योति निरंजन, सोहं तथा सतनाम" आदि काल के नामों को जपते थे, और अपने अनुयायियों को भी यहीं मंत्र प्रदान करते थे। जिससे वे स्वयं ना तो कोई सुख प्राप्त कर सके और न ही मोक्ष। मोक्ष प्

🧩 राधास्वामी पंथ के प्रवर्तक शिव दयाल जी का कोई गुरु नहीं था। शिवदयाल जी पांच नाम "ररंकार, ओंकार, ज्योति निरंजन, सोहं तथा सतनाम" आदि काल के नामों को जपते थे, और अपने अनुयायियों को भी यहीं मंत्र प्रदान करते थे। जिससे वे स्वयं ना तो कोई सुख प्राप्त कर सके और न ही मोक्ष। मोक्ष प्
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#Satlok_Vs_Earth सतलोक में प्रत्येक हंस आत्मा का परमात्मा जैसा नूरी शरीर है। जिसका तेज 16 सूर्यों के समान है। जबकि काल लोक/पृथ्वी लोक पर सभी का पांच तत्त्व से बना नाशवान शरीर है। जिसमें हजारों तरह की बीमारियां सदैव बनी रहती हैं। Sant Rampal Ji Maharaj

#Satlok_Vs_Earth
सतलोक में प्रत्येक हंस आत्मा का परमात्मा जैसा नूरी शरीर है। जिसका तेज 16 सूर्यों के समान है। 
जबकि काल लोक/पृथ्वी लोक पर सभी का पांच तत्त्व से बना नाशवान शरीर है। जिसमें हजारों तरह की बीमारियां सदैव बनी रहती हैं।
Sant Rampal Ji Maharaj
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🎋बुद्ध ने शास्त्र विरुद्ध तपस्या की। अपने अनुभव का प्रचार करना शुरू कर दिया। जबकि उनका ज्ञान किसी भी धर्म शास्त्र से नहीं मिलता, जिससे व्यर्थ है। केवल परमेश्वर कबीर साहिब का ज्ञान ही शास्त्र अनुकूटल है।

🎋बुद्ध ने शास्त्र विरुद्ध तपस्या की। अपने अनुभव का प्रचार करना शुरू कर दिया। जबकि उनका ज्ञान किसी भी धर्म शास्त्र से नहीं मिलता, जिससे व्यर्थ है। केवल परमेश्वर कबीर साहिब का ज्ञान ही शास्त्र अनुकूटल है।
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#संतरामपालजी_के_उद्देश्य संत रामपाल जी महाराज का मूल उद्देश्य एक ऐसे स्वच्छ समाज की स्थापना करना है जो चोरी, जारी, ठगी, रिश्वतखोरी, नशे से दूर हो। आज हकीकत में उनके ज्ञान से यह सम्भव हो रहा है। #संतरामपालजी_के_उद्देश्य

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संत रामपाल जी महाराज का मूल उद्देश्य एक ऐसे स्वच्छ समाज की स्थापना करना है जो चोरी, जारी, ठगी, रिश्वतखोरी, नशे से दूर हो। 
आज हकीकत में उनके ज्ञान से यह सम्भव हो रहा है। 
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#संतरामपालजी_के_उद्देश्य संत रामपाल जी महाराज जी का उद्देश्य विश्व में प्रेम व शांति स्थापित करना व कुरीतियों, पाखंडवाद, नशा, दहेज प्रथा आदि को समाप्त करके सबको एक परमात्मा की भक्ति करवाकर सुखी बनाना और पूर्ण मोक्ष देना है। #संतरामपालजी_के_उद्देश्य

#संतरामपालजी_के_उद्देश्य
संत रामपाल जी महाराज जी का उद्देश्य विश्व में प्रेम व शांति स्थापित करना व कुरीतियों, पाखंडवाद, नशा, दहेज प्रथा आदि को समाप्त करके सबको एक परमात्मा की भक्ति करवाकर सुखी बनाना और पूर्ण मोक्ष देना है। 
#संतरामपालजी_के_उद्देश्य
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#DivineTeachings_Of_GodKabir कबीर-अलख इलाही एक है, नाम धराया दोय। कहै कबीर दो नाम सुनि, भरम परो मति कोय।। #DivineTeachings_Of_GodKabir bit.ly/GodKabirTeachi…

#DivineTeachings_Of_GodKabir
कबीर-अलख इलाही एक है, नाम धराया दोय।
कहै कबीर दो नाम सुनि, भरम परो मति कोय।।
#DivineTeachings_Of_GodKabir
bit.ly/GodKabirTeachi…
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#MysteryBehindGuruOfGodKabir परमेश्वर कबीर जी ने अपनी आत्माओं को विभिन्न प्रकार से इस भवसागर से पार करने का प्रयास किया है। कभी किसी का गुरु बनकर तो कभी किसी को गुरु बनाने की लीला करके। रामानंद से लक्ष्य गुरु तारे शिष्य के भाय। चेलो की गिनती कहाँ जो पद में रहे समाए।।

#MysteryBehindGuruOfGodKabir
परमेश्वर कबीर जी ने अपनी आत्माओं को विभिन्न प्रकार से इस भवसागर से पार करने का प्रयास किया है। कभी किसी का गुरु बनकर तो कभी किसी को गुरु बनाने की लीला करके।
रामानंद से लक्ष्य गुरु
तारे शिष्य के भाय।
चेलो की गिनती कहाँ 
जो पद में रहे समाए।।
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जीवा दत्ता ने सच्चे संत की पहचान करने के उद्देश्य से वट वृक्ष की सूखी टहनी यह सोचकर लगाई कि जो सच्चा संत होगा उसके चरणामृत से ये हरी-भरी हो जाएगी। लेकिन कई संतों का चरणामृत डालने से भी टहनी भरी नहीं हुई तो दोनों निराश हो गए। फिर एक दिन कबीर परमेश्वर जी वहां पहुंचे #कबीरपरमात्मा

जीवा दत्ता ने सच्चे संत की पहचान करने के उद्देश्य से वट वृक्ष की सूखी टहनी यह सोचकर लगाई कि जो सच्चा संत होगा उसके चरणामृत से ये हरी-भरी हो जाएगी। लेकिन कई संतों का चरणामृत डालने से भी टहनी भरी नहीं हुई तो दोनों निराश हो गए। फिर एक दिन कबीर परमेश्वर जी वहां पहुंचे

#कबीरपरमात्मा