रुखसत हुआ तो आँख मिलाकर नहीं गया
वो क्यूँ गया है ये भी बताकर नहीं गया
यूँ लग रहा है जैसे अभी लौट आयेगा
जाते हुए चिराग बुझाकर नहीं गया
घर में हैं आजतक वही खुशबू बसी हुई
लगता है यूँ कि जैसे वो आकर नहीं गया
रहने दिया न उसने किसी काम का मुझे
और खाक में भी मुझको मिलाकर नहीं गया