अतिथि शिक्षक मप्र ऑफिसियल
@guestteachermp
अतिथि शिक्षक मप्र का यह ऑफिसियल पेज है।हमारा संघर्ष मप्र में तब तक जारी रहेगा जब तक मप्र के अतिथि शिक्षकों को नियमित नहीं किया जाता है।
जंग जारी है, जारी रहेगी।
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26-04-2020 19:57:02
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आदरणीय Tulsi Ram Silawat जी जब आपके कथनानुसार स्कूली अतिथि शिक्षको के मुद्दे पर Jyotiraditya M. Scindia जी के सहयोग से शिवराज़ सरकार बनी तो फिर अब तक #अतिथि_शिक्षक दर दर की ठोकरे क्यों खा रहे है अब तक अतिथि शिक्षको का नियमितीकरण क्यों नही हुआ अब तो सब कुछ आपके पक्ष में है कब बनेगी नीति BJP Madhya Pradesh
आज Arvind Kejriwal सरकार के देशभक्ति पाठ्यक्रम की बदौलत दिल्ली सरकार के स्कूलों में हर छात्र में भगत सिंह व अम्बेडकर जैसा देशभक्त तैयार हो रहा है, जो अपने हर काम और इरादे से देश को गौरवान्वित करने का ज़िम्मा ले रहा है हर बच्चा देशभक्ति पढ़ रहा है हर बच्चा कट्टर देशभक्त बन रहा है
देखो यहाँ स्कूल की हालत कैसी है परमार (इन्दरसिंह परमार ) Shivraj Singh Chouhan जी ऐसे स्कूल के हालात हैं पूरे मप्र में और आप किस शिक्षा नीति की बात करते हैं; समझ से परे है।
Shivraj Singh Chouhan जी आपका वर्ष कब से शुरू माना जावे? आप तो एक ही बात की रट लगाये हैं फिर कथनी और करनी में फर्क क्यों है? जनता सब जानती है कि फिर से अपना उल्लू सीधा करने की तैयारी में ये जुमले फेंके जा रहे हैं। भर्ती शुरू करिये रोका किसने है? नेहरू जी फिर आ गए क्या?
ये घमंड में चूर मामा श्री Shivraj Singh Chouhan जी सुनलें बही बहुत है, क्योंकि अपनी एक नेता की वजह से इनको 19 हजार परिवारों का शाप लगेगा।
अतिथि शिक्षकों ने कमर कस लिया है; अब अपना हक लेकर रहेंगे। इसके लिए सत्ता के मद में चूर राजाओं की कुर्सियाँ तोड़नी पड़ें तो तोड़ेंगे। अब हाथ नहीं जोड़ेंगे। Shivraj Singh Chouhan याद रखना ये #मप्र_अतिथि_शिक्षक नहीं रुकेंगे। इसलिए राह संघर्ष की हम चुनें.....
मप्र के घोषणावीर, कलह प्रधान और स्वघोषित मामा जिन्होंने कंश को भी पीछे छोड़ दिया उनके नाम से आप सभी परिचित हैं फिर भी मैं टैग कर देता हूँ Shivraj Singh Chouhan हँसो कंश। हमारी ज़िंदगी में आग लगा के कैसे बचोगे मामा कंश? जलना तो तुम्हें भी पड़ेगा. देख रहे हो न विनोद?
जिन अतिथि शिक्षकों की मेहनत से आये परिणामों को आप मंचों से रखकर खुद को गौरवान्वित और सरकार की सफलता के तौर पर गिनवाते हैं। Shivraj Singh Chouhan , इन्दरसिंह परमार जी आज वह अतिथि शिक्षक दर-दर की ठोकरें खाने का मजबूर है यह भी आपकी सरकार में याद रखिए। इस दर्द को भूलेंगे नहीं याद रखेंगे।