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Chetan Parmar

@chetanparm13383

ID: 1801652125178728450

calendar_today14-06-2024 16:25:31

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Yaduvendrra Nirvan (@yaduskd) 's Twitter Profile Photo

आज Supreme Court of India में मध्यप्रदेश के 27% OBC आरक्षण मामले की सुनवाई हुई। लंबित प्रकरणों को ट्रांसफर करते हुए अब इन सभी मामलों की सुनवाई Madhya Pradesh High Court करेगा और प्रतिदिन सुनवाई होगी। लेकिन सवाल आज भी खड़ा है , क्या न्याय की भी कोई जाति होती है? जितना “अगड़ा”,

आज Supreme Court of India में मध्यप्रदेश के 27% OBC आरक्षण मामले की सुनवाई हुई।

लंबित प्रकरणों को ट्रांसफर करते हुए अब इन सभी मामलों की सुनवाई Madhya Pradesh High Court करेगा और प्रतिदिन सुनवाई होगी।

लेकिन सवाल आज भी खड़ा है ,
क्या न्याय की भी कोई जाति होती है?
जितना “अगड़ा”,
Updesh Awasthee (Bhopal Samachar) (@bhopalsamachar) 's Twitter Profile Photo

OBC Reservation: What Happened in the Supreme Court, Advocate Varun Thakur Explained 👉 The Supreme Court has sent back all OBC reservation cases to the High Court! 👉 Treating all interim orders as null and void, the Supreme Court has returned the OBC reservation matters to

Naveen Kr Nandan (@nknandanlive) 's Twitter Profile Photo

ओबीसी आरक्षण पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला मध्यप्रदेश हाईकोर्ट पर सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया ने ओबीसी आरक्षण से जुड़े सभी लंबित मामलों को संबंधित हाईकोर्ट में वापस भेजते हुए स्पष्ट किया है कि कानून की संवैधानिक वैधता तय करने की जिम्मेदारी अब मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की होगी। साथ ही

ओबीसी आरक्षण पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला

मध्यप्रदेश हाईकोर्ट पर सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया ने ओबीसी आरक्षण से जुड़े सभी लंबित मामलों को संबंधित हाईकोर्ट में वापस भेजते हुए स्पष्ट किया है कि कानून की संवैधानिक वैधता तय करने की जिम्मेदारी अब मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की होगी। साथ ही
Sanjay Dixit ಸಂಜಯ್ ದೀಕ್ಷಿತ್ संजय दीक्षित (@sanjay_dixit) 's Twitter Profile Photo

Huge setback to Dr Mohan Yadav in the Supreme Court today - MP had filed an application to vacate the interim stay on increased reservation (14% to 27%). SC refused to entertain it and sent back the petition to MP High Court at Jabalpur - to finally decide in 2 months.

Dr. Arunesh Yadav (डॉ अरुणेश यादव) (@yadavarunesh) 's Twitter Profile Photo

मध्य प्रदेश सरकार की लापरवाही और कोर्ट के भेदभाव की भेंट चढ़ रहा ओबीसी आरक्षण! #MP_13प्रतिशत_OBC_अनहोल्ड #19_फरवरी_SC_सुनवाई Dr Anil 'JaiHind' 🇮🇳 Jitendra (Jitu) Patwari Dr Mohan Yadav INC OBC Department

Dr. Arunesh Yadav (डॉ अरुणेश यादव) (@yadavarunesh) 's Twitter Profile Photo

सुप्रीम कोर्ट ने अब फैसला मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के हाथ में छोड़ दिया हैं... कुछ दिनों पहले हाई कोर्ट ने 27% ओबीसी आरक्षण के ख़िलाफ़ लगी याचिका को खारिज कर दिया था। जिससे भर्ती प्रक्रिया में स्कूल लागू करने का रास्ता साफ़ हो गया था। लेकिन हाई कोर्ट ने 13% पद को होल्ड पर रख दिया।

सुप्रीम कोर्ट ने अब फैसला मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के हाथ में छोड़ दिया हैं...
कुछ दिनों पहले हाई कोर्ट ने 27% ओबीसी आरक्षण के ख़िलाफ़ लगी याचिका को खारिज कर दिया था। जिससे भर्ती प्रक्रिया में स्कूल लागू करने का रास्ता साफ़ हो गया था। लेकिन हाई कोर्ट ने 13% पद को होल्ड पर रख दिया।
Savita Kumari (@savitak74929291) 's Twitter Profile Photo

ईडब्ल्यूएस आरक्षण होता तो सरकार रातों-रात बिल बनाकर संसद में पास करवा लेती,सुप्रीम कोर्ट में 24 घंटे में डिसाईड भी हो जाता,आरक्षण की अपर लीमिट भी तोड़ दी जाती और अगले दिन से सरकारें इसको लागू भी कर देती।ओबीसी आरक्षण है इसलिए सरकार से हाईकोर्ट,हाईकोर्ट से सुप्रीम कोर्ट, सुप्रीम

ईडब्ल्यूएस आरक्षण होता तो सरकार रातों-रात बिल बनाकर संसद में पास करवा लेती,सुप्रीम कोर्ट में 24 घंटे में डिसाईड भी हो जाता,आरक्षण की अपर लीमिट भी तोड़ दी जाती और अगले दिन से सरकारें इसको लागू भी कर देती।ओबीसी आरक्षण है इसलिए सरकार से हाईकोर्ट,हाईकोर्ट से सुप्रीम कोर्ट, सुप्रीम
Shailendra Patel (@shailendrapinc) 's Twitter Profile Photo

मध्यप्रदेश की भाजपा सरकार ने 27% ओबीसी आरक्षण को वर्षों से जानबूझकर उलझाकर रखा है। लाखों ओबीसी युवाओं की नौकरियां और भविष्य अनिश्चितता में डाल दिए गए, लेकिन सरकार ने न मजबूत पैरवी की और न समाधान निकाला। यह केवल लापरवाही नहीं, बल्कि ओबीसी समाज के संवैधानिक अधिकारों के साथ अन्याय

Umang Singhar (@umangsinghar) 's Twitter Profile Photo

माननीय कैलाश जी "औकात" कैलाश विजयवर्गीय जी, सत्ता के अहंकार में चूर होकर सदन के भीतर ऐसी असंसदीय और अमर्यादित भाषा का प्रयोग करना बेहद शर्मनाक है। विजयवर्गीय जी, आपके इस अहंकार और अभद्रता को इतिहास याद रखेगा। 📍मध्यप्रदेश विधानसभा, बजट सत्र - 04 दिन Congress #MPVidhanSabha

Sr.Adv.Rameshwar Singh Thakur (@rst_adv) 's Twitter Profile Photo

👉 20/2/2026 •ओ.बी.सी. आरक्षण के समस्त केस सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट जबलपुर को किए बापिस, तथा हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस को निर्देश तीन माह के भीतर विशेष बैंच गठित कर मामलो का वरीयता पर करे निराकरण | •हाईकोर्ट द्वारा बिभिन्न मामलो में पारित अंतरिम आदेशो का अवलोकन कर सर्वोच्च

Kamal Nath (@officeofknath) 's Twitter Profile Photo

मध्यप्रदेश में ओबीसी आरक्षण को लेकर जो घटनाक्रम सामने आया है, वह केवल एक कानूनी विवाद नहीं, बल्कि लाखों युवाओं के भविष्य से जुड़ा सवाल है। मुझे हैरानी है कि हमारी कांग्रेस सरकार ने ओबीसी वर्ग को 27% आरक्षण देने की प्रक्रिया पूरी कर दी थी, और 27% आरक्षण प्रदेश में लागू भी हो गया

मध्यप्रदेश में ओबीसी आरक्षण को लेकर जो घटनाक्रम सामने आया है, वह केवल एक कानूनी विवाद नहीं, बल्कि लाखों युवाओं के भविष्य से जुड़ा सवाल है। मुझे हैरानी है कि हमारी कांग्रेस सरकार ने ओबीसी वर्ग को 27% आरक्षण देने की  प्रक्रिया पूरी कर दी थी, और 27% आरक्षण प्रदेश में लागू भी हो गया
Arun Subhashchandra Yadav (@mparunyadav) 's Twitter Profile Photo

सुप्रीम कोर्ट ने मध्यप्रदेश में 27% ओबीसी आरक्षण पर स्पष्ट किया है कि 3 माह में स्पेशल बेंच बनाकर हाईकोर्ट अंतिम फैसला करेगा । अब सरकार जवाब दे, ◆ 27 फीसदी आरक्षण कानून पर रोक कहाँ लगी है ? ◆ आनन-फानन में मामला हाईकोर्ट से सुप्रीम कोर्ट क्यों ले जाया गया था ? ◆ 87-13 का

कमलेंद्र Kamlendra (@baagi_kamlendra) 's Twitter Profile Photo

कभी Madhya Pradesh High Court, कभी Supreme Court of India — आखिर कब तक ओबीसी आरक्षण को अदालतों के बीच पिंग-पोंग बनाया जाएगा? 27% आरक्षण कोई खेल नहीं है। यह लाखों ओबीसी युवाओं के भविष्य का सवाल है। BJP Madhya Pradesh Dr Mohan Yadav सरकार और उसके विधिक प्रतिनिधियों की जिम्मेदारी थी कि मजबूती

कभी Madhya Pradesh High Court, कभी Supreme Court of India — आखिर कब तक ओबीसी आरक्षण को अदालतों के बीच पिंग-पोंग बनाया जाएगा?
27% आरक्षण कोई खेल नहीं है। यह लाखों ओबीसी युवाओं के भविष्य का सवाल है।
<a href="/BJP4MP/">BJP Madhya Pradesh</a> <a href="/DrMohanYadav51/">Dr Mohan Yadav</a> सरकार और उसके विधिक प्रतिनिधियों की जिम्मेदारी थी कि मजबूती
Shailendra Patel (@shailendrapinc) 's Twitter Profile Photo

2019 से लेकर 2026 तक ओबीसी आरक्षण का मुद्दा अदालतों में उलझा हुआ है। इस बीच हजारों भर्तियाँ अटक गईं और लाखों युवाओं की उम्र निकलती जा रही है। आखिर इस देरी की जिम्मेदारी कौन लेगा? क्या युवाओं का भविष्य राजनीतिक और कानूनी लापरवाही की कीमत चुकाता रहेगा? #OBCआरक्षण

2019 से लेकर 2026 तक ओबीसी आरक्षण का मुद्दा अदालतों में उलझा हुआ है। इस बीच हजारों भर्तियाँ अटक गईं और लाखों युवाओं की उम्र निकलती जा रही है। आखिर इस देरी की जिम्मेदारी कौन लेगा? क्या युवाओं का भविष्य राजनीतिक और कानूनी लापरवाही की कीमत चुकाता रहेगा?

#OBCआरक्षण
Ravindra Sahu Jhoomarwala (@ravindrasahuinc) 's Twitter Profile Photo

ओबीसी वर्ग को 27% आरक्षण देना सामाजिक न्याय की दिशा में बड़ा कदम था, लेकिन उसका वास्तविक लाभ आज तक अधूरा है। अब समय आ गया है कि सरकार केवल घोषणा नहीं, बल्कि ठोस कानूनी तैयारी और दृढ़ संकल्प के साथ ओबीसी युवाओं को उनका अधिकार दिलाए। इंतज़ार अब और नहीं होना चाहिए। #OBCआरक्षण

ओबीसी वर्ग को 27% आरक्षण देना सामाजिक न्याय की दिशा में बड़ा कदम था, लेकिन उसका वास्तविक लाभ आज तक अधूरा है। अब समय आ गया है कि सरकार केवल घोषणा नहीं, बल्कि ठोस कानूनी तैयारी और दृढ़ संकल्प के साथ ओबीसी युवाओं को उनका अधिकार दिलाए। इंतज़ार अब और नहीं होना चाहिए।

#OBCआरक्षण
Jeevan surawat (@surawatjeevan) 's Twitter Profile Photo

मध्यप्रदेश में ओबीसी आरक्षण को लेकर जो घटनाक्रम सामने आया है, वह केवल एक कानूनी विवाद नहीं, बल्कि लाखों युवाओं के भविष्य से जुड़ा सवाल है। मुझे हैरानी है कि हमारी कांग्रेस सरकार ने ओबीसी वर्ग को 27% आरक्षण देने की प्रक्रिया पूरी कर दी थी, और 27% आरक्षण प्रदेश में लागू भी हो गया

मध्यप्रदेश में ओबीसी आरक्षण को लेकर जो घटनाक्रम सामने आया है, वह केवल एक कानूनी विवाद नहीं, बल्कि लाखों युवाओं के भविष्य से जुड़ा सवाल है। मुझे हैरानी है कि हमारी कांग्रेस सरकार ने ओबीसी वर्ग को 27% आरक्षण देने की  प्रक्रिया पूरी कर दी थी, और 27% आरक्षण प्रदेश में लागू भी हो गया
Dr. Arunesh Yadav (डॉ अरुणेश यादव) (@yadavarunesh) 's Twitter Profile Photo

मध्य प्रदेश में 27% ओबीसी आरक्षण के अनुपालन में वर्तमान में अब कोई रोक टोक नहीं है, सुप्रीम कोर्ट ने गेंद अब राज्य के पाले में डाल दी क्या हाई कोर्ट सही फैसला करेगा? Dr Anil 'JaiHind' 🇮🇳

मध्य प्रदेश में 27% ओबीसी आरक्षण के अनुपालन में वर्तमान में अब कोई रोक टोक नहीं है, 

सुप्रीम कोर्ट ने गेंद अब राज्य के पाले में डाल दी

क्या हाई कोर्ट सही फैसला करेगा?
<a href="/DrJaihind/">Dr Anil 'JaiHind' 🇮🇳</a>
Sunil Astay 🇮🇳 (@sunilastay) 's Twitter Profile Photo

सरकार की नीयत साफ है या सिर्फ समय काटने की राजनीति? सुप्रीम कोर्ट ने रास्ता दिखा दिया, अब बहाने नहीं चलेंगे। सालों से ओबीसी युवाओं का हक रोका गया, भर्तियां लटकाई गईं और जिम्मेदार लोग सिर्फ बयानबाज़ी करते रहे। 27% ओबीसी आरक्षण कोई एहसान नहीं — यह संवैधानिक हक है। अगर सरकार सच में

सरकार की नीयत साफ है या सिर्फ समय काटने की राजनीति? सुप्रीम कोर्ट ने रास्ता दिखा दिया, अब बहाने नहीं चलेंगे। सालों से ओबीसी युवाओं का हक रोका गया, भर्तियां लटकाई गईं और जिम्मेदार लोग सिर्फ बयानबाज़ी करते रहे।

27% ओबीसी आरक्षण कोई एहसान नहीं — यह संवैधानिक हक है। अगर सरकार सच में
Kamleshwar Patel (@mrkamleshwar) 's Twitter Profile Photo

सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट कर दिया है कि ओबीसी के 27% आरक्षण पर कोई रोक नहीं है और राज्य सरकार चाहे तो अंतरिम आदेश के अनुरूप इसे लागू कर सकती है। अब देरी का कोई बहाना नहीं बचा है। जब ओबीसी वर्ग की आबादी 50% से अधिक है और सेवाओं में उनका प्रतिनिधित्व केवल 13.8% है, तो यह साफ तौर पर

सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट कर दिया है कि ओबीसी के 27% आरक्षण पर कोई रोक नहीं है और राज्य सरकार चाहे तो अंतरिम आदेश के अनुरूप इसे लागू कर सकती है। अब देरी का कोई बहाना नहीं बचा है।

जब ओबीसी वर्ग की आबादी 50% से अधिक है और सेवाओं में उनका प्रतिनिधित्व केवल 13.8% है, तो यह साफ तौर पर
𝐦𝐚𝐧𝐢𝐬𝐡 𝐩𝐚𝐧𝐜𝐡𝐞𝐬𝐡𝐰𝐚𝐫 (@manish_blgt) 's Twitter Profile Photo

सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया ने मध्यप्रदेश में 27% ओबीसी आरक्षण के संबंध में स्पष्ट निर्देश दिया है कि तीन माह के भीतर विशेष पीठ गठित कर मध्यप्रदेश हाईकोर्ट इस विषय पर अंतिम निर्णय देगा| अब सरकार को निम्न प्रश्नों का स्पष्ट उत्तर देना चाहिए— ★ 27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण के कानून पर रोक

सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया ने मध्यप्रदेश में 27% ओबीसी आरक्षण के संबंध में स्पष्ट निर्देश दिया है कि तीन माह के भीतर विशेष पीठ गठित कर मध्यप्रदेश हाईकोर्ट इस विषय पर अंतिम निर्णय देगा|

अब सरकार को निम्न प्रश्नों का स्पष्ट उत्तर देना चाहिए—
★ 27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण के कानून पर रोक